Advertisements
Advertisements
Question
H+(aq) आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Solution
जब अम्ल को जल में मिलाया जाता है, तो वे जल में हाइड्रोजन आयन बनाते हैं, इसलिए जल में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता बढ़ जाएगी। चूँकि विलयन में अधिक हाइड्रोजन आयन होंगे, इसलिए यह निश्चित रूप से अम्लीय प्रकृति का होगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
आपके पास दो विलयन ‘A’ एवं ‘B’ हैं। विलयन ‘A’ के pH का मान 6 है एवं विलयन ‘B’ के pH का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अधिक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारकीय?
क्या क्षारकीय विलयन में H+(aq) आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारकीय क्यों होते हैं?
कोई किसान खेत की मृदा की किस परिस्थिति में बिना बुझा हुआ चूना (कैल्सियम ऑक्साइड), बुझा हुआ चूना (कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड) या चॉक (कैल्सियम कार्बोनेट) का उपयोग करेगा?
अपच का उपचार करने के लिए निम्न में से किस औषधि का उपयोग होता है?
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु सल्फ़्यूरिक अम्ल ऐलुमिनियम चूर्ण के साथ अभिक्रिया करता है।
पाँच विलयनों A, B, C, D, व E की जब सार्वत्रिक सूचक से जाँच की जाती है तो pH के मान क्रमशः 4, 1, 11, 7, एवं 9 प्राप्त होते हैं। कौन सा विलयन:
- उदासीन है?
- प्रबल क्षारीय है?
- प्रबल अम्लीय है?
- दुर्बल अम्लीय है?
- दुर्बल क्षारीय है?
pH के मानो को हाइड्रोजन आयन की सांद्रता के आरोही क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
ताज़े दूध के pH का मान 6 होता है। दही बन जाने पर pH के मान में क्या परिवर्तन होगा? अपना उत्तर समझाइए।
एक ग्वाला ताज़े दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है। ताज़ा दूध के pH के मान को 6 से बदलकर थोड़ा क्षारीय क्यों बना देता है?
एक ग्वाला ताज़े दूध में थोड़ा बेकिंग सोडा मिलाता है। इस दूध को दही बनने में अधिक समय क्यों लगता है?