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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

हास्य कविताएँ पढ़वाएँ। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

हास्य कविताएँ पढ़वाएँ। 

Short Answer

Solution

हास्य कविताओं का उद्देश्य: हास्य कविताएँ बच्चों में रचनात्मकता, भाषा कौशल और हास्य बोध को बढ़ाने में मदद करती हैं। इन्हें पढ़ने से मनोरंजन के साथ सीखने का अवसर मिलता है।हास्य कविताओं के उदाहरण-

  • चतुर बंदर – बंदर के हाथ लगा था आम, चखा नहीं, किया सलाम। गिलहरी बोली इसे दे दो, बंदर बोला - मुझे मत बेवकूफ समझो!
  • गधे की शादी – गधा कहे, मैं दूल्हा बनूँगा, सेहरे में मैं खूब सजूँगा। घोड़ी बोली, मज़ाक न कर, मेरी इज्जत का ख़्याल तो कर!

विद्यार्थियों को हास्य कविताएँ पढ़ने और अभिनय के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करें। वे अपनी आवाज, हाव-भाव और अभिव्यक्ति से कविता को और अधिक रोचक बना सकते हैं।

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Chapter 3.5: बंदर का धंधा - अंतःपाठ प्रश्न [Page 76]

APPEARS IN

Balbharati Integrated 7 Standard Part 1 [Marathi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 3.5 बंदर का धंधा
अंतःपाठ प्रश्न | Q ४. | Page 76
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