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हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। - Hindi (हिंदी)

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Question

हमारे देश में पुराने समय से ही पेड़-पौधों को लगाने और उन्हें कटने से बचाने की परंपरा रही है। कई बार लोगों ने मिलकर पेड़ों को बचाने के लिए आंदोलन भी किया। ऐसे ही किसी आंदोलन के बारे में जानकारी इकट्ठी करके कॉपी में लिखो। इसके लिए तुम्हें पुस्तकालय, समाचार-पत्रों, शिक्षिका या माता-पिता और इंटरनेट से भी सहायता मिल सकती है।

Short Note

Solution

चिपको आंदोलन- यह आंदोलन पेड़ों को कटने से बचाने के लिए सन् 1973 में गढ़वाल के चमोली जिले में आरंभ हुआ था। इसने धीरे-धीरे पूरे उत्तराखण्ड में जागरूकता फैलायी और पेड़ों को कटने से बचाया गया। सुंदर लाल बहुगुणा के नेतृत्व में स्त्रियों ने बढ़-चढ़कर इस आंदोलन में भाग लिया। स्त्रियों की सजगता के कारण ही यह आंदोलन सफल हुआ और कई असंख्य पेड़ों को बलि चढ़ने से बचाया जा सका। यह आंदोलन सत्याग्रह पर आधारित था। स्त्रियाँ पेड़ों से चिपक गई और बल प्रयोग करने पर भी नहीं हठीं। इस तरह से आंदोलन ने पूरे भारत के लोगों को जागरूक किया। यह ऐसा अनोखा आंदोलन था, जहाँ स्त्रियों की भागीदारी सबसे अधिक थी। इस आंदोलन को पूरे विश्व में सराहा गया।

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पद्य (Poetry) (Class 7)
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Chapter 5: थोड़ी धरती पाऊँ - अभ्यास [Page 27]

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NCERT Hindi - Durva Part 2 Class 7
Chapter 5 थोड़ी धरती पाऊँ
अभ्यास | Q 6. | Page 27

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बहुविकल्पी प्रश्न

कवि कैसा गीत नहीं लिख पा रहा है


वचन बदलो

एकवचन

बहुवचन

घोंसला घोंसले, घोंसलो
डाल  
बात  
कली  
फूल  
फल  
साथी  
तरु  
दाना  
डैना  

नीचे कविता में से पंक्ति दी गई हैं। बताओ, इस पंक्ति का क्या अर्थ हो सकता है?

हमको तुमको प्रान मिलेगा।


किन पंक्तियों से पता चलता है कि कविता में माँ-बेटी या माँ-बेटे के बीच बातचीत हो रही है?


नीचे लिखे शब्दों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं?

देश______

जनता______

धरती______

त्योहार______

दूध______

इंसान______


बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।

तारों की चाल बदल देना


पक्षी उन्मुक्त रहकर अपनी कौन-कौन सी इच्छाएँ पूरी करना चाहते हैं?


'बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।'- इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? अगले पृष्ठ पर दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-

(क) बहुत दिन हो गए, मन में कोई उमंग नहीं आई।

(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।

(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।

(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।


बहुविकल्पी प्रश्न

सूरज डूबते ही क्या हुआ?


बहुविकल्पी प्रश्न

साँचा मीत किसे कहा गया है?


बहुविकल्पी प्रश्न

सज्जन संपत्ति क्यों जमा करते हैं?


हमें वृक्ष और सरोवर से क्या शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए?


कविता के मूलभाव को ध्यान में रखते हुए बताइए कि इसका शीर्षक ‘विप्लव-गायन’ क्यों रखा गया होगा?


कविता में दो शब्दों के मध्य (−) का प्रयोग किया गया है, जैसे− 'जिससे उथल-पुथल मच जाए' एवं 'कण-कण में है व्याप्त वही स्वर'। इन पंक्तियों को पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कवि ऐसा प्रयोग क्यों करते हैं?


आस-पास के लोगों ने क्या उपहास किया?


निम्न पंक्तियों को ध्यान से देखिए
‘कवि कुछ ऐसी तान सुनाओ ______ एक हिलोर उधर से आए’,
इन पंक्तियों के अंत में आए, जाए जैसे तुक मिलानेवाले शब्दों का प्रयोग किया गया है। इसे तुकबंदी या अंत्यानुप्रास कहते हैं। कविता से तुकबंदी के अन्य शब्दों को छाँटकर लिखिए। छाँटे गए शब्दों से अपनी कविता बनाने की कोशिश कीजिए।


गोपियाँ दही क्यों बिलो रही थीं।


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

डाली से डाली पर पहुँचा,
देखी कलियाँ देखे फूल।


नमूने के अनुसार लिखो:

नमूना →
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात। 
  चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे।

कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।


बार-बार बोलो और नीचे दिए गए शब्द से वाक्य बनाओ।

बात - भात

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