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इन रुबाइयों से हिंदी, उर्दू और लोकभाषा के मिले-जुले प्रयोगों को छाँटिए। - Hindi (Core)

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Question

इन रुबाइयों से हिंदी, उर्दू और लोकभाषा के मिले-जुले प्रयोगों को छाँटिए।
Answer in Brief

Solution

रुबाइयों में हिंदी, उर्दू और लोकभाषा के मिले-जुले प्रयोग इस प्रकार हैं-

  1. लोता देती है
  2. घुटनियों में ले के है पिन्हाती कपड़े
  3. गेसुओं में कंघी करके
  4. रूपवती मुखड़े पै इक नर्म दमक
  5. ज़िदयाया है
  6. रस की पुतली
  7. आईने में चाँद उतर आया है
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रुबाइयाँ
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Chapter 9: फ़िराक गोरखपुरी (रुबाइयाँ, गज़ल) - अभ्यास [Page 60]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Aaroh Class 12
Chapter 9 फ़िराक गोरखपुरी (रुबाइयाँ, गज़ल)
अभ्यास | Q 1. | Page 60

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कविता में एक भाव, एक विचार होते हुए भी उसका अंदाज़े बयाँ या भाषा के साथ उसका बर्ताव अलग-अलग रूप में अभिव्यक्ति पाता है। इस बात को ध्यान रखते हुए नीचे दी गई कविताओं को पढ़िए और दी गई फ़िराक की गज़ल-रुबाई में से समानार्थी पंक्तियाँ ढूँढ़िए।
(क) मैया मैं तो चंद्र खिलौनो लैहों।
सूरदास 
(ख) वियोगी होगा पहला कवि
आह से उपजा होगा गान
उमड़ कर आँखों से चुपचाप
बही होगी कविता अनजान
सुमित्रानंदन पंत 
(ग) सीस उतारे भुईं धरे तब मिलिहैं करतार
कबीर 

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