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Question
निम्नलिखित पठित गद्यांश पर आधारित बहुविकल्पी प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए:
इतिहास में रावण का हाल तो पढ़ा ही होगा। उसके चरित्र से तुमने कौन-सा उपदेश लिया? या यों ही पढ़ गए? महज इम्तिहान पास कर लेने को कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास। जो कुछ पढ़ो, उसका अभिप्राय समझो। रावण भूमंडल का स्वामी था। ऐसे राजाओं को चक्रवर्ती कहते हैं। आजकल अंग्रेज़ों के राज्य का विस्तार बहुत बड़ा हुआ है, पर इन्हें चक्रवर्ती नहीं कह सकते। संसार में अनेक राष्ट्र अंग्रेज़ों का आधिपत्य स्वीकार नहीं करते, बिल्कुल स्वाधीन हैं। रावण चक्रवर्ती राजा था, संसार के सभी महीप उसे कर देते थे। बड़े-बड़े देवता उसकी गुलामी करते थे। आग और पानी के देवता भी उसके दास थे, मगर उसका अंत क्या हुआ? घमंड ने उसका नाम-निशान तक मिटा दिया, कोई उसे एक चुल्लू भर पानी देने वाला भी न बचा। आदमी और जो कुकर्म चाहे करें, पर अभिमान न करें, इतराए नहीं। अभिमान किया और दीन - दुनिया दोनों से गया। |
- गद्यांश में रावण का उदाहरण किस उद्देश्य से दिया गया है? [1]
- छोटे भाई को अभिमान के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए
- रावण के दुखदायी और एकाकी अंत से परिचित कराने के लिए
- रावण को अंग्रेज़ों से भी अधिक शक्तिशाली बताने के लिए
- रावण को शक्तिशाली साम्राज्य से परिचित कराने के लिए
- रावण को चक्रवर्ती सम्राट कहे जाने का प्रमुख कारण है: [1]
- बड़े-बड़े देवताओं को अपने नियंत्रण में रखना
- संपूर्ण संसार पर अपना आधिपत्य स्थापित करना
- राजा-महाराजाओं से मनमाना कर वसूल करना
- अपने राज्य का विस्तार दूर तक करना
- निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए विकल्पों से सही उत्तर चुनकर लिखिए: [1]
कथन: इम्तिहान पास कर लेना कोई चीज़ नहीं, असल चीज़ है बुद्धि का विकास।
कारण: वास्तविक ज्ञान बौद्धिक ज्ञान है जो जीवन को सार्थक बनाता है।
विकल्प:
- कथन और कारण दोनों ग़लत हैं।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- कथन ग़लत है, लेकिन कारण सही है।
- कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
- कॉलम - I को कॉलम - II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कीजिए: [1]
विकल्प:कॉलम - I कॉलम - II 1. नाम-निशान मिटा देना I. कहीं का नहीं रहना 2. एक चुल्लू भर पानी न देना II. अस्तित्व समाप्त करना 3. दीन-दुनिया से जाना III. थोड़ी भी सहायता न करना - 1 - III, 2 - II, 3 - I
- 1 - I, 2 - II, 3 - III
- 1 - II, 2 - III, 3 - I
- 1 - II, 2 - I, 3 - III
- गद्यांश के मूल भाव को व्यक्त करने वाला/वाले कथन है/हैं: [1]
- व्यक्ति को घमंड नहीं करना चाहिए।
- शिक्षा प्राप्ति का उद्देश्य ज्ञान के साथ बौद्धिक विकास है।
- देवताओं का अनादर नहीं करना चाहिए।
- किताबें पढ़कर ही शिक्षा प्राप्त की जा सकती है।
विकल्प:- केवल IV
- केवल II
- I और II दोनों
- I और IV दोनों
Comprehension
Solution
- छोटे भाई को अभिमान के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए।
- संपूर्ण संसार पर अपना आधिपत्य स्थापित करना।
- कथन और कारण दोनों सही हैं और कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
- 1-II, 2-III, 3-I
कॉलम - I कॉलम - II 1. नाम-निशान मिटा देना II. अस्तित्व समाप्त करना 2. एक चुल्लू भर पानी न देना III. थोड़ी भी सहायता न करना 3. दीन-दुनिया से जाना I. कहीं का नहीं रहना - I और II दोनों
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