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जैव खेती में जैव कीटनाशको का महत्व स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology 2 [विज्ञान और प्रौद्योगिकी २]

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Question

जैव खेती में जैव कीटनाशको का महत्व स्पष्ट कीजिए।

Answer in Brief

Solution

  1. (1) जैव कीटनाशकों का उपयोग करने से भू-प्रदूषण नहीं होता है। जबकि रासायनिक खादों का उपयोग करने से बड़े पैमाने पर भू-प्रदूषण होता है।
  2. जब खेत में खड़ी फसलों पर रासायनिक कीटनाशक दवाईयों का छिड़काव किया जाता है, तब इन रासायनिक कीटनाशक में स्थित फ्लुरासिटामाईड जैसे रासायनिक द्रव्य मिट्टी में मिल जाते हैं। इससे मिट्टी प्रदूषित हो जाती है।
  3. फ्लुरासिटामाईड जैसे रासायनिक द्रव्य वनस्पतियों और पालतु जानवरों के लिए घातक सिद्ध होते हैं। इस द्रव्य के कारण मनुष्यों में त्वचारोग भी उत्पन्न होता है।
  4. जीवाणुओं के अतिरिक्त कवक और विषाणुओं की कुछ प्रजातियों का उपयोग जैव कीटनाशकों के रूप में किया जाता है।
  5. जीवाणुओं और कवकों में फसलों को हानि पहुँचाने वाले कीड़े, कीटक, जंतु का नाश करने वाले द्रव्य टॉक्सिन होते हैं। यह टॉक्सिन द्रव्य जीवाणुओं और कवकों से प्राप्त की जाती हैं तथा जैव प्रौद्योगिकी की प्रक्रिया द्वारा सीधे वनस्पतियों में ही अंतर्भूत की जाती हैं। कीटकों के लिए यह टॉक्सिन विषैले होने के कारण कीटक इन वनस्पतियों को नहीं खाते हैं। इस कारण फसलों का संरक्षण स्वयं से ही हो जाता है उदा., के लिए  किण्वन प्रक्रिया से प्राप्त होने वाला उपउत्पाद स्पायनोसेड एक जैव कीटनाशक है।
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सूक्ष्‍मजीव और खेती
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Chapter 7: पहचान सूक्ष्मजीव विज्ञान की - स्वाध्याय [Page 86]

APPEARS IN

Balbharati Science and Technology 2 [Hindi] 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 7 पहचान सूक्ष्मजीव विज्ञान की
स्वाध्याय | Q 3. ई. | Page 86
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