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Question
जी. ए. एस. मॉडल का वर्णन कीजिये तथा इस मॉडल की प्रासंगिकता को एक उदहारण की सहायता से स्पष्ट कीजिए
Solution
जनरल एडेप्टेशन सिडोंम (सामान्य अनुकूलन संरक्षण), के प्रस्तुतकर्ता सेल्ये थे उन्होंने दबाव् के सतत रूप से दीर्घकालिक बने रहने का असर शारीरिक रूप से क्या होता है पर अध्ययन किया उन्होंने विभिन्न ने दबाव कारक जैसे - पशुओ को उच्च तापमान एक्स - रे तथा इन्सुलिन की सुई लगाकर प्रयोगशाला में लम्बे समय तक रखा गया उन्होंने विभिन्न छोटो तथा बीमारी से बस्त रोगिया का अस्पतालों में जाकर प्रेक्षण भी किया सेल्ये ने सभी सामान प्रतिरूप वाली शारीरिक अनुक्रियाएँ पाई सेल्ये ने इस प्रतिरूप अलार्म रिएक्शन तथा परिश्रंति
- संचेत प्रतिक्रिया चरण - किसी हानिकारक उद्दीपक या दबाचकरक की उपस्थिति के कारण एडिनल - पियूष - कॉटेक्स तंत्र का सक्रियण हो जाता है यह उन अतः स्रावों को छोड़ने के लिए प्रेरित करता है जिसमे दबाव अनुक्रिया होती है तब व्यक्ति संघर्ष या के लिए तैयार हो जाता है
- प्रतिरोध चरण - यदि दबाव दीर्घकालिक होता है तो प्रतिरोध चरण प्रांरभ होता है परानुकंपी तंत्रिका तंत्र, शरीर के संसाधनों का अधिक सावधानी पूर्ण उपयोगी करने को उद्धत करता है जिव खतरे का सामना करने के लिए मुकंबला करने का प्रयास करता है
- परीश्राती चरण - एक ही दबावकारक अन्य दबावकारको के समक्ष दीर्घकालिक उद्भाषण से शरीर के संसाधन निष्कासित हो जाते है जिसके कारण परिश्रांत का तृतीय चरण आता है संचेत प्रतिक्रिया तथा प्रतिरोध चरण में कार्यरत शरीर क्रियात्मक तंत्र अप्रभावी हो जाता है तथा दबाव - संबद्धि रोगो, जैसे उच्च रक्त चाप की संभावना बढ़ जाती है
शैली मोडल की आलोचना इसलिए की गई है की उसमे दबाव के मनोवैज्ञानिक कारको की बहुत सिमित भूमिका बताई गई है शोधकर्ताओ के अनुसार घटनाओ का मनोविज्ञानक मूल्यांकन दबाव के निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है व्यक्ति दबाव के प्रति किया अनुक्रिया करेगा यह बहुत सिमा तक उसके प्रत्यक्षण, व्यक्तित्व तथा जैविक संरचना से प्रभावित होता है