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Question
जल में H2SO4 के लिए `"K"_("a"_2)` << `"K"_("a"_1)` क्यों है?
Short Note
Solution
H2SO4 एक द्विक्षारकीय अम्ल है, यह दो पदों में आयनित होता है, इसलिए इसके दो वियोजन स्थिरांक होते हैं।
\[\ce{H2SO4_{(aq)} + H2O_{(l)} -> H3O^+_{( aq)} + HSO^-_{4(aq)}}\]; `"K"_("a"_1)` > 10
\[\ce{HSO^-_{4(aq)} + H2O_{(l)} -> H3O^+_{( aq)} + SO^{2-}_{4(aq)}}\]; `"K"_("a"_2)` = 1.2 × 10−2
`"K"_("a"_1)` > 10 के अधिक मान से तात्पर्य यह है कि H2SO4, H3O+ तथा \[\ce{HSO^-_4}\] में अधिक वियोजित है।
मुख्यत: H3O+ और \[\ce{H2SO^-_4}\] में प्रथम आयनन के कारण H2SO4 जल में प्रबल अम्ल है। \[\ce{HSO^-_4}\] का H3O+ तथा \[\ce{SO^{2-}_4}\] आयनों में आयनन लगभग नगण्य होता है; अत: `"K"_("a"_2)` << `"K"_("a"_1)`।
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सल्फ्यूरिक अम्ल
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