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जनगणना के साथ-साथ कुछ जनसुविधाओं के बारे में भी आँकड़े इकट्ठा किए जाते हैं। अपने शिक्षक के साथ चर्चा करें कि जनगणना का काम कब और किस तरह किया जाता है? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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Question

जनगणना के साथ-साथ कुछ जनसुविधाओं के बारे में भी आँकड़े इकट्ठा किए जाते हैं। अपने शिक्षक के साथ चर्चा करें कि जनगणना का काम कब और किस तरह किया जाता है?

Answer in Brief

Solution

जनगणना-

  1. जनगणना का काम प्रत्येक 10 वर्ष बाद किया जाता है। वर्तमान जनगणना 2011 में की गयी है।
  2. जनगणना हेतु सरकारी अधिकारियों, शिक्षकों को प्रत्येक घर से आँकड़े इकट्ठे करने हेतु नियुक्त किया जाता है।
  3. जनगणना करने के लिए एक प्रश्नावली तैयार की जाती है जिसके आधार पर घर-घर जाकर प्रश्न पूछे जाते हैं।
  4. जनगणना से देश की कुल जनसंख्या, स्त्री-पुरुषों की संख्या, लिंग अनुपात, देश में जनसुविधाओं की स्थिति, व्यावसायिक स्थिति, सामाजिक-आर्थिक स्थिति आदि की जानकारी मिलती है।
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जनसुविधाएँ
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Chapter 9: जनसुविधाएँ - अभ्यास [Page 118]

APPEARS IN

NCERT Civics [Hindi] Class 8
Chapter 9 जनसुविधाएँ
अभ्यास | Q 8. | Page 118

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आपको ऐसा क्यों लगता है कि दुनिया में निजी जलापूर्ति के उदाहरण कम हैं?


ऐसा क्यों है कि ज्यादातर निजी अस्पताल और निजी स्कूल कस्बों या ग्रामीण इलाकों की बजाय बड़े शहरों में ही हैं?


क्या आपको लगता है कि हमारे देश में जनसुविधाओं कर वितरण पर्याप्त और निष्पक्ष है? अपनी बात के समर्थन में एक उदाहरण दें।


अपने इलाके की पानी, बिजली आदि कुछ जनसुविधाओं को देखें। क्या उनमें सुधार की कोई गुंजाइश है? आपकी राय में क्या किया जाना चाहिए? इस तालिका को भरें।

  क्या यह उपलब्ध है? उसमें कैसे सुधार लाया जाए?
पानी    
बिजली    
सड़क    
सार्वजनिक परिवहन    

क्या आपके इलाके के सभी लोग उपरोक्त जनसुविधाओं का समान रूप से इस्तेमाल करते हैं? विस्तार से बताएँ।


जनसुविधाएँ क्या होती हैं? जनसुविधाएँ मुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार पर क्यों होनी चाहिए?


सरकार कुछ जनसुविधाओं के लिए निजी कंपनियों का भी सहारा ले सकती है। उदाहरण के लिए सड़कें बनाने के लिए ठेके निजी कंपनियों या ठेकेदारों को भी दिए जाते हैं। दिल्ली में बिजली के वितरण का काम दो निजी कंपनियों के हाथ में है। लेकिन सरकार को इन कंपनियों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे इन सुविधाओं को सस्ती कीमत पर सभी लोगों तक पहुँचाने के लक्ष्य को पूरा करने में कोई कसर न छोड़ें।

आपको ऐसा क्यों लगता है की जनसुविधाओं की जिम्मेदारी सरकार के ऊपर ही होनी चाहिए जबकि वह इन कामों को निजी कंपनियों के जरिए भी करवा सकती है?


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