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जो चीजों खाईं जाती हैं उन पर '✓' का निशान लगाओ। यदि तुम्हें किसी चीज़ के बारे में नहीं पता तो शिक्षक से पूछ सकते हो। केले के फूल मुर्गी का अंडा गोभी सैंजन के फूल अरवी के पत्ते माँस खुंबी - Environmental Studies (पर्यावरण अध्ययन)

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Question

जो चीजों खाईं जाती हैं उन पर '✓' का निशान लगाओ। यदि तुम्हें किसी चीज़ के बारे में नहीं पता तो शिक्षक से पूछ सकते हो।

केले के फूल   मुर्गी का अंडा    गोभी  
सैंजन के फूल   अरवी के पत्ते   माँस  
खुंबी   चूहा   कलौंजी  
कमल डंडी   मछली   केकड़ा  
लाल चींटी   बाजरे की रोटी   घास  
पिछले दिन की रोटी   मेढ़क   आँवला  
नारियल का तेल   ऊँटनी का दूध   चने की रोटी  
Answer in Brief

Solution

केले के फूल मुर्गी का अंडा  गोभी
सैंजन के फूल अरवी के पत्ते   माँस
खुंबी   चूहा   कलौंजी
कमल डंडी मछली केकड़ा
लाल चींटी   बाजरे की रोटी घास  
पिछले दिन की रोटी   मेढ़क   आँवला
नारियल का तेल ऊँटनी का दूध चने की रोटी
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खाना अपना-अपना
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Chapter 6: खाना अपना-अपना - खाना अपना-अपना [Page 44]

APPEARS IN

NCERT Environmental Studies - Looking Around [Hindi] Class 3
Chapter 6 खाना अपना-अपना
खाना अपना-अपना | Q 5. | Page 44

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क्या तुम्हारी कक्षा में कल सबने एक जैसा खाना था? ऐसा क्यों?


तुम्हें कैसे पता चलता है कि भूख लगी है?


जब तुम्हें भूख लगती है तब तुम्हें कैसा महसूस होता है?


दादी सीढ़ियाँ जल्दी क्यों नहीं चढ़ पाई?


कहानी में जितने लोग आए, उनमें से कितने लोग भुट्टा खा पाएँगे? और क्यों?

अपना-अपना खाना

विपुल के परिवार में कुछ लोग कई चीज़ें नहीं खाते, जो वह खाता है। सोचो उसके परिवार के लोग वे चीज़ें खाते ही नहीं या खा नहीं सकते?

आओ विपुल के परिवार के बारे में पढ़ें-

स्कूल से घर जाते-जाते विपुल ने एक भुट्टा खरीद। भुट्टा खाते-खाते विपुल घर में घुसा और माँ से पूछा - माँ छुटकी कहाँ है? पहले तो मैं उसे ही देखूँगा।

माँ ने हाँसते हुए कहा - छुटकी ऊपर कमरे में है।

विपुल ने दादी का हाथ पकड़कर कहा - दादी, तुम भी चलो न!

माँ ने कहा - रुको, मैंने बा की रोटी दाल में डालकर रखी है। पहले वे खा तो लें।

बेटा आज तो दाल में शक़्कर ठीक से डाली है न? यहाँ नागपुर आकर तुम लोग अपना खाना भूलते जा रहे हो - दादी ने माँ से कहा।

माँ ने जवाब दिया - बा, मैंने चख कर देखी है , बढ़िया बनी है।

मैं दादी का खाना भी ऊपर ले जाता हूँ - कहते हुए विपुल ने थाली उठाई और फटाफट सीढ़ियाँ चढ़ गया। दादी जल्दी चढ़ो न! - विपुल ने पुकारा।

दादी ने कहा - जब मैं तुम्हारी उम्र की थी तब मैं इतनी देर में सीढ़ियाँ तो क्या पहाड़ भी चढ़ जाती थी।

विपुल ने अंदर जाकर अपना भुट्टा मामी को थमाया और हाथ धोकर छुटकी को उठा लिया।

अचानक छुटकी ने रीना शुरू कर दिया। यह अब ऐसे चुप नहीं होगी, इसे भूख लगी है - कहते हुए मामी छुटकी को दूध पिलाने बैठ गई।


अपने आस-पास के बड़ों से पूछकर तालिका भरो-

  क्या-कया खा पाते हैं क्या-क्या नहीं खा पाते
बच्चा    
जवान    
बूढ़ा    

जिन चीजों को तुम ज़्यादा खाते हो उन पर Ο लगाओ।

चावल, रागी, मक्का, बाजरा,

गेहूँ, जई, कप्पा (टैपिओका), जौ


हम लोग अलग-अलग चीजों तो खाते ही हैं। एक ही चीज़ का इस्तेमाल करके अलग-अलग भोजन भी बनाते हैं। पता करो और लिखो कि गेहूँ और चावल से क्या-क्या बनता है?


कहाँ क्या खाना जाता है यह आखिर निर्भर किस पर होता है? दिए गए कारणों में से जो तुम्हें सही लगे उस पर '✓' लगाओ। इसके अलावा जो कारण और हो सकते हैं वे खाली जगह में लिखो।

  • वहाँ क्या आसानी से मिलता है।
  • क्या खरीद सकते हैं।
  • वहाँ के रीति-रिवाज़ कैसे हैं।

खाने की कुछ ऐसी चीज़ों के नाम लिखो, जो तुमने कभी नहीं खाईं, लेकिन खाने का मन करता है।


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