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जरा सोचो... बताओ तुम्हारे घर की वस्तुओं को वाणी होती तो... - English (Second/Third Language)

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Question

जरा सोचो... बताओ

तुम्हारे घर की वस्तुओं को वाणी होती तो...

Long Answer

Solution

यदि घर की वस्तुओं को बोलने की शक्ति होती, तो वे शायद हमें कई दिलचस्प बातें बतातीं। उदाहरण के लिए:

  1. कुर्सी कहती: "तुम्हारे थके हुए शरीर को सहारा देने का काम मुझे खुशी देता है, लेकिन मेरे ऊपर कूद-कूदकर मुझे मत तोड़ो।"
  2. पंखा कहता: "मैं तुम्हें ठंडक देता हूँ, लेकिन मेरी देखभाल भी करो, ताकि मैं अच्छे से चल सकूँ।"
  3. किताबें कहतीं: "मुझे पढ़ने का समय दो। मैं तुम्हारे जीवन में ज्ञान और खुशी लाऊँगी।"
  4. टेबल कहती: "मुझे साफ रखो। मैं तुम्हारे काम करने और खाने का सहारा हूँ।"
  5. दीवार घड़ी कहती: "समय की कीमत समझो और इसे व्यर्थ मत गँवाओ।"
  6. दरवाजा: "मैं तुम्हारे घर की सुरक्षा करता हूँ। लेकिन मुझे जोर से मत बंद करो, इससे मुझे चोट लगती है।"
  7. चप्पल: "मैं तुम्हारे कदमों का सहारा बनता हूँ। लेकिन मुझे गंदा मत करो, मुझे साफ-सुथरा रखना चाहिए।"
  8. बिस्तर: "मैं तुम्हें सुकून भरी नींद देता हूँ। पर दिन में मुझे अस्त-व्यस्त छोड़ देना ठीक नहीं। मुझे संभाल कर रखो।"
  9. फ्रिज कहता: "मैं तुम्हारा खाना ठंडा और ताजा रखता हूँ। लेकिन मुझे बार-बार बेवजह खोलकर परेशान मत करो।"
  10. चाय का कप कहता: "मैं तुम्हें गर्म चाय का सुकून देता हूँ। लेकिन मेरे अंदर चाय पीकर मुझे यूँ ही मत छोड़ो, मुझे धोना मत भूलो।"
  11. टीवी कहता: "मैं तुम्हें मनोरंजन देता हूँ, लेकिन मुझे जरूरत से ज्यादा देखना तुम्हारी आँखों के लिए ठीक नहीं।"
  12. आईना कहता: "मैं तुम्हें तुम्हारी सुंदरता दिखाता हूँ। लेकिन मेरी सतह को धूल और दाग से बचाकर रखो।"
  13. लाइट बल्ब कहता: "मैं तुम्हारे अंधेरे को रोशनी में बदलता हूँ। लेकिन मुझे अनावश्यक जलाए रखना मेरी ताकत को कम करता है।"
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Chapter 1.2: गुनगुनाते रहो - स्वाध्याय [Page 5]

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Balbharati Integrated 7 Standard Part 1 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 1.2 गुनगुनाते रहो
स्वाध्याय | Q १०. | Page 5
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