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Question
जवाहर लाल नेहरू के नियति के साथ साक्षात्कार वाले भाषण के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों का जवाब दें:
- नेहरू ने क्यों कहा कि भारत का भविष्य सुस्ताने और आराम करने का नहीं है?
- नए भारत के सपने किस तरह विश्व से जुड़े हैं?
- वे संविधान निर्माताओं से क्या शपथ चाहते थे?
- “हमारी पीढ़ी के सबसे महान व्यक्ति की कामना हर आँख से आँसू पोंछने की हैं।” वे इस कथन में किसका ज़िक्र कर रहे थे?
Solution
- क्योंकि उनका मानना था कि अब वह समय आ गया है कि हम अपने आपको भारत और अनेक लोगों को भी अधिक मानवता की सेवा में समर्पित रहें।
- नए भारत के सपने संविधान सभा के माध्यम से विश्व से जुड़ा है क्योंक आज़ादी और सत्ता जिम्मेदारियाँ लाती है एंव इन जिम्मेदारियाँ का भली-भांति पूर्णत से निर्वहन करना इस सभा का ही कर्तव्य है।
- भारत की सेवा करने की
- महात्मा गाँधी
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RELATED QUESTIONS
दक्षिण अफ्रीका का लोकतांत्रिक संविधान बनाने में, इनमें से कौन-सा टकराव सबसे महत्त्वपूर्ण था:
संविधान निर्माण में इन नेताओं और उनकी भूमिका में मेल बैठाएँ:
क. मोतीलाल नेहरू | 1. संविधान सभा के अध्यक्ष |
ख. बी.आर. अंबेडकर | 2. संविधान सभा के सदस्य |
ग. राजेंद्र प्रसाद | 3. प्रारूप कमेटी के अध्यक्ष |
घ. सरोजनी नायडू | 4. 1928 में भारत का संविधान बनाया |
कुछ दिन पहले नेपाल से आपके एक मित्र ने वहाँ की राजनैतिक स्थिति के बारे में आपको पत्र लिखा था। वहाँ अनेक राजनैतिक पार्टियाँ राजा के शासन का विरोध कर रही थी। उनमें से कुछ का कहना था कि राजा द्वारा दिए गए मौजूदा संविधान में ही संशोधन करके चुने हुए प्रतिनिधियों को ज़्यादा अधिकार दिए जा सकते हैं। अन्य पार्टियाँ नया गणतांत्रिक संविधान बनाने के लिए नई संविधान सभा गठित करने की मांग कर रही थीं। इस विषय में अपनी राय बताते हुए अपने मित्र को पत्र लिखें।
1912 में प्रकाशित ‘विवाहित महिलाओं के लिए आचरण’ पुस्तक के निम्नलिखित अंश को पढ़ें:
“ईश्वर ने औरत जाति को शारीरिक और भावनात्मक, दोनों ही तरह से ज्यादा नाज़ुक बनाया है। उन्हें आत्म रक्षा के भी योग्य नहीं बनाया है। इसलिए ईश्वर ने ही उन्हें जीवन भर पुरूषों के संरक्षण में रहने का भाग्य दिया है- कभी पिता के, कभी पति के और कभी पुत्र के। इसलिए महिलाओं को निराश होने की जगह इस बात से अनुगृहीत होना चाहिए कि वे अपने आपको पुरूषों की सेवा में समर्पित कर सकती हैं।” क्या इस अनुच्छेद में व्यक्त मूल्य संविधान के दर्शन से मेल खाते हैं या वे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ़ हैं?
निम्नलिखित कथन पर विचार कीजिए। क्या आप उनसे सहमत हैं? अपने कारण भी बताइए।
संविधान के नियमों की हैसियत किसी भी अन्य कानून के बराबर है।
Here are some false statements. Identify the mistake in each case and rewrite these correctly based on what you have read in this chapter.
Leaders of the freedom movement had an open mind about whether the country should be democratic or not after independence.
नीचे कुछ गलत वाक्य दिए गए हैं। हर एक में की गई गलती पहचानें और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखें।स्वतंत्रता के बाद देश लोकतांत्रिक हो या नहीं, इस विषय पर स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं ने अपना दिमाग खुला रखा था।
नीचे कुछ गलत वाक्य दिए गए हैं। हर एक में की गई गलती पहचानें और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखें।भारतीय संविधान सभा के सभी सदस्य संविधान में कही गई हरेक बात पर सहमत थे।
नीचे कुछ गलत वाक्य दिए गए हैं। हर एक में की गई गलती पहचानें और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखें।जिन देशों में संविधान है वहाँ लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था ही होगी।
नीचे कुछ गलत वाक्य दिए गए हैं। हर एक में की गई गलती पहचानें और इस अध्याय के आधार पर उसको ठीक करके लिखें।संविधान देश का सर्वोच्च कानून होता है इसलिए इसमें बदलाव ही होगी।