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Question
ज्वालामुखी का उदाहरण सहित वर्गीकरण कीजिए।
Answer in Brief
Solution
(अ) विस्फोट के अनुसार वर्गीकरण: ज्वालामुखी को विस्फोट के अनुसार निम्नलिखित दो प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
(१) केंद्रीय ज्वालामुखी:
- ज्वालामुखी उद्गार के समय शिलारस भूपृष्ठ के आंतरिक भागों में से एक नली जैसे मार्ग से बाहर निकलता है ।
- इस क्रिया में ज्वालामुखी से बाहर आए पदार्थ नली के मुख के पास फैल जाते हैं । इससे शंक्वाकार ज्वालामुखीय पर्वतों का निर्माण होता है ।
- जैसे-जापान में फ्युजीयामा, तंजानिया में किलीमानजारो पर्वत यह केंद्रीय ज्वालामुखी और उससे तैयार शंक्वाकार पर्वत के उदाहरण हैं ।
(२) भ्रंशीय ज्वालामुखी:
- ज्वालामुखी का उद्रेक होते समय लावा कई दरारों में से बाहर निकलता है, उसे भ्रंशीय ज्वालामुखी कहते है ।
- ज्वालामुखी उद्गार से बाहर निकलने वाला पदार्थ दरारों के दोनों ओरफैल जाता है ।
- ऐसे उद्गार से ज्वालामुखीय पठारों की निर्मिति होती है ।
- जैसे - भारत में दख्खन का पठार भी इसी पद्धति से तैयार हुआ है ।
(ब) उद्गार के समयावधिनुसार वर्गीकरण: ज्वालामुखी को विस्फोट की अवधि के अनुसार तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है:
- सक्रिय ज्वालामुखी: वर्तमान में बार-बार उद्गार होता है, वे सक्रिय ज्वालामुखी कहलाते हैं ।
जैसे - जापान का पफ्युजीयामा तथा भूमध्य सागर स्थित स्ट्राम्बोली । - प्रसुप्त/निद्रिस्त ज्वालामुखी: कुछ समय के लिए शांत और फिर कभी अचानक जागृत ऐसे ज्वालामुखी को. प्रसुप्त/निद्रिस्त ज्वालामुखी कहते हैं।
जैसे - इटली स्थित वेसवियस, अलास्कास्थित काटमाई, भारत का बैरन दूवीप । - मृत ज्वालामुखी: जिसमें से दीर्घकाल उद्गार नहीं हुआ तथा भविष्य में ऐसा उद्गार होने की संभावना नहीं, ऐसे ज्वालामुखी को मृत या शांत ज्वालामुखी कहते हैं ।
जैसे - तंजानिया स्थित किलीमांनजारो।
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ज्वालामुखी
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