English

कार्बन से सिलिकॉन तक आयनीकरण एन्थैल्पी में प्रघटनीय कमी होती है। क्यों? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

कार्बन से सिलिकॉन तक आयनीकरण एन्थैल्पी में प्रघटनीय कमी होती है। क्यों?

Answer in Brief

Solution

कार्बन से सिलिकॉन तक आयनीकरण में प्रघटनीय कमी होती है; क्योंकि कार्बन की परमाणु त्रिज्या (77 pm) की तुलना में सिलिकॉन की परमाणु त्रिज्या अधिक (118 pm) होती है। इसलिए इलेक्ट्रॉनों का निष्कासन सरलतापूर्वक हो जाता है। सिलिकॉन से जर्मेनियम तक आयनन एन्थैल्पी में कमी प्रघटनीय नहीं होती; क्योंकि तत्वों के परमाणु आकार एकसमान रूप से बढ़ते हैं।

shaalaa.com
समूह 14 के तत्व : कार्बन परिवार
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: p-ब्लॉक तत्त्व - अभ्यास [Page 332]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व
अभ्यास | Q 11.23 | Page 332

RELATED QUESTIONS

\[\ce{CO^{2-}_3}\] की अनुनादी संरचना लिखिए।


\[\ce{HCO^-_3}\] की अनुनादी संरचना लिखिए।


\[\ce{CO^{2-}_3}\] में कार्बन की संकरण-अवस्था क्या होती है?


निम्नलिखित कथन को युक्तिसंगत कीजिए तथा रासायनिक समीकरण दीजिए-

लेड (II) क्लोराइड Cl2 से क्रिया करके PbCl4 देता है।


निम्नलिखित कथन को युक्तिसंगत कीजिए तथा रासायनिक समीकरण दीजिए-

लेड (IV) क्लोराइड ऊष्मा के प्रति अत्यधिक अस्थायी है।


अक्रिय युग्म प्रभाव से आप क्या समझते हैं?


अपररूप से आप क्या समझते हैं?


CO2 के संश्लेषण के लिए एक प्रयोगशाला तथा एक औद्योगिक विधि दीजिए।


ऊष्मागतिकीय रूप से कार्बन का सर्वाधिक स्थायी रूप कौन-सा है?


निम्नलिखित में से समूह-14 के तत्वों के लिए कौन-सा कथन सत्य है?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×