Advertisements
Advertisements
Question
कारण बताइए-
सांद्र HNO3 का परिवहन ऐलुमिनियम के पात्र द्वारा किया जा सकता है।
Solution
सांद्र HNO3 ऐलुमिनियम (AI) से क्रिया करके इसकी सतह पर ऐलुमिनियम ऑक्साइड की एक पतली परत बनाता है जो Al की सांद्र HNO3 से पुन: क्रिया को रोकती है। दूसरे शब्दों में, Al सांद्र HNO3 के प्रभाव से निष्क्रिय हो जाता है।
\[\ce{2Al(s) + \underset{\text{(Conc.)}}{6HNO3} -> \underset{\text{Alumina}}{Al2O3(s)} + 6NO2(g) + 3H2O(l)}\]
अतः सांद्र HNO3 के परिवहन में Al कन्टेनर का उपयोग किया जाता है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
ऐलुमीनियम के उभयधर्मी व्यवहार दर्शाने वाली अभिक्रियाएं दीजिए।
निर्जलीय HF में ऐलुमीनियम ट्राइफ्लुओराइड अविलेय है, परंतु NaF मिलाने पर घुल जाता है। गैसीय BF3 को प्रवाहित करने पर परिणामी विलयन में से ऐलुमीनियम ट्राइफ्लुओराइडे अवक्षेपित हो जाता है। इसका कारण बताइए।
क्या होता है, जब ऐलुमिनियम की तनु NaOH से अभिक्रिया कराई जाती है?
निम्नलिखित अभिक्रिया को समझाइए-
जलीय ऐलुमिना की क्रिया जलीय NaOH के साथ की जाती है।
कारण बताइए-
तनु NaOH तथा ऐलुमिनियम के टुकड़ों के मिश्रण का प्रयोग प्रवाहिका खोलने के लिए किया जाता है।
कारण बताइए-
वायुयान बनाने में ऐलुमिनियम मिश्रधातु का उपयोग होता है।
कारण बताइए-
जल को ऐलुमिनियम पात्र में पूरी रात नहीं रखना चाहिए।
कारण बताइए-
संचरण केबल बनाने में ऐलुमिनियम तार का प्रयोग होता है।
Al की तुलना में Ga की कम परमाण्वीय त्रिज्या को आप कैसे समझाएँगे?
कुछ अभिक्रियाओं में थैलियम, ऐलुमिनियम से समानता दर्शाता है, जबकि अन्य में यह समूह-I के धातुओं से समानता दर्शाता है। इस तथ्य को कुछ प्रमाणों के द्वारा सिद्ध करें।