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कविता का हर बंध ‘वह चिड़िया जो-‘ से शुरू होता है और मुझे बहुत प्यार है’ पर खत्म होता है। तुम भी इन। पंक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से कविता में कुछ नए बंध जोड़ो। - Hindi (हिंदी)

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Question

कविता का हर बंध ‘वह चिड़िया जो-‘ से शुरू होता है और मुझे बहुत प्यार है’ पर खत्म होता है। तुम भी इन। पंक्तियों का प्रयोग करते हुए अपनी कल्पना से कविता में कुछ नए बंध जोड़ो।

Short Note

Solution

इस प्रश्न का उत्तर स्वलिखित हो।

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पद्य (Poetry) (Class 6)
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Chapter 1: वह चिड़िया जो - अनुमान और कल्पना [Page 3]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 1 Class 6
Chapter 1 वह चिड़िया जो
अनुमान और कल्पना | Q 3 | Page 3

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यदि कोई सूरज से गप्पें लगाए तो वह क्या लिखेगा? अपनी कल्पना से गद्य या पद्य में लिखो। इसी तरह की कुछ और गप्पें निम्नलिखित से किसी एक या दो से करके लिखो ।

पेड़

बिजली का खंभा

सड़क

पेट्रोल पंप


बहुवैकल्पिक प्रश्न

चाँद को कैसी बीमारी है?


बहुवैकल्पिक प्रश्न

बालिका ने चाँद को क्या बीमारी बताई है?


चाँद की पोशाक की क्या विशेषता है?


कवि के अनुसार चाँद को क्या बीमारी है?


लड़की चाँद के घटने बढ़ने का क्या कारण बताती है।


कविता की दूसरी पंक्ति में भारत को 'बूढ़ा' कहकर और उसमें 'नई जवानी' आने की बात कहकर सुभद्रा कुमारी चौहान क्या बताना चाहती हैं?


झाँसी की रानी के जीवन की कहानी अपने शब्दों में लिखो और यह भी बताओ कि उनका बचपन तुम्हारे बचपन से कैसे अलग था?


‘बरछी’, ‘कृपाण’, ‘कटारी’ उस ज़माने के हथियार थे। आजकल के हथियारों के नाम पता करो।


बहुविकल्पीय प्रश्न
नाना साहब कहाँ के रहने वाले थे?


महल में खुशी का कारण क्या था?


बहुविकल्पीय प्रश्न

“मैं सबसे छोटी होऊँ’ कविता किसके द्वारा लिखी गई है?


बहुविकल्पीय प्रश्न

माँ के आँचल की छाया में बच्ची कैसा महसूस करती है?


बालिका क्या नहीं छोड़ना चाहती?


बचपन सुहाना क्यों होता है?


माँ के आँचल की छाया दुनिया की सबसे सुरक्षित स्थान है। कैसे?


कविता में ‘ऐसी बड़ी न होऊँ मैं क्यों कहा गया है? क्या तुम भी हमेशा छोटे बने रहना पसंद करोगे?


आशय स्पष्ट करो-
हाथ पकड़ फिर सदा हमारे
साथ नहीं फिरती दिन-रात !


गर्मी के दिनों में कच्ची सड़क की तपती धूल में नंगे पाँव चलने पर पाँव जलते हैं। ऐसी स्थिति में पेड़ की छाया में खड़ा होने और पाँव धो लेने पर बड़ी राहत मिलती है। ठीक वैसे ही जैसे प्यास लगने पर पानी मिल जाय और भूख लगने पर भोजन। तुम्हें भी किसी वस्तु की आवश्यकता हुई होगी और वह कुछ समय बाद पूरी हो गई होगी। तुम सोचकर लिखो कि आवश्यकता पूरी होने के पहले तक तुम्हारे मन की दशा कैसी थी?


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