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कविता से प्राप्त संदेश लिखिए। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

कविता से प्राप्त संदेश लिखिए।

Short Note

Solution

प्रस्तुत कविता कव्वाली के स्वरूप में है। इसमें लड़के जहाँ महापुरुषों और प्रसिद्ध शूरवीरों का हवाला देते हुए अपने आप को लड़कियों से श्रेष्ठ बताने की कोशिश करते हैं, वहीं लड़कियाँ भी सीता, सावित्री, लक्ष्मीबाई तथा युद्ध में अपना पराक्रम दिखाने वाली शूरवीर रानियों को अपनी जमात से जोड़ते हुए लड़कों से अपने आप को कम नहीं बतातीं। पर बाद में लड़के कव्वाली के माध्यम से लड़कियों को जवाब देते हैं कि कोई किसी से बढ़कर नहीं है, सभी बराबर हैं। देश के चाहे महान पुरुष हों या महान स्त्रियाँ सभी भारत माँ की संतान हैं। लड़के-लड़कियाँ दोनों भारत माता के रथ के दो पहियों के समान हैं। रथ के लिए इन दोनों पहियों का होना जरूरी है। इस तरह कविता से यह संदेश मिलता है कि कोई बड़ा या कोई छोटा नहीं है, सभी लोग समान हैं। हमें अपने आप पर निरर्थक गर्व नहीं करना चाहिए।

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हम इस धरती की संतति हैं
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Chapter 2.06: हम इस धरती की संतति हैं (पूरक पठन) - स्‍वाध्याय [Page 75]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Lokbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 2.06 हम इस धरती की संतति हैं (पूरक पठन)
स्‍वाध्याय | Q (४) | Page 75

RELATED QUESTIONS

वर्गीकरण कीजिए :

पद्यांश में उल्लिखित चरित्र-ध्रुव, प्रह्लाद, भरत, लक्ष्मीबाई, रजिया सुलताना, दुर्गावती, पद्‌मिनी, सीता, चाँदबीबी, सावित्री, जयमल

ऐतिहासिक पौराणिक 
   

विशेषताओं के आधार पर पहचानिए :

भारत माता के रथ के दो पहिये - ______


विशेषताओं के आधार पर पहचानिए :

खूब लड़ने वाली मर्दानी - ______


विशेषताओं के आधार पर पहचानिए :

अपनी लगन का सच्चा - ______


विशेषताओं के आधार पर पहचानिए :

किसी को कुछ न गिनने वाले - ______


सही/गलत पहचानकर गलत वाक्‍य को सही करके वाक्‍य पुनः लिखिए :

रानी कर्मवती ने अकबर को राखी भेजी थी।


सही/गलत पहचानकर गलत वाक्‍य को सही करके वाक्‍य पुनः लिखिए :

भरत शेर के दाँत गिनते थे।


सही/गलत पहचानकर गलत वाक्‍य को सही करके वाक्‍य पुनः लिखिए :

झगड़ने से सब कुछ प्राप्त होता है।


सही/गलत पहचानकर गलत वाक्‍य को सही करके वाक्‍य पुनः लिखिए :

ध्रुव आकाश में खेले थे।


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

हम उस धरती के लड़के हैं, जिस धरती की बातें
क्या कहिए; अजी क्या कहिए; हाँ क्या कहिए।
यह वह मिट्टी, जिस मिट्टी में खेले थे यहाँ ध्रुव-से बच्चे।

यह मिट्टी, हुए प्रहलाद जहाँ, जो अपनी लगन के थे सच्चे।
शेरों के जबड़े खुलवाकर, थे जहाँ भरत दतुली गिनते,
जयमल-पत्ता अपने आगे, थे नहीं किसी को कुछ गिनते!

इस कारण हम तुमसे बढ़कर, हम सबके आगे चुप रहिए।
अजी चुप रहिए, हाँ चुप रहिए। हम उस धरती के लड़के हैं...

1. सूचनानुसार लिखिए: (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें पौराणिक संदर्भ है - ______
  2. ऐसी पंक्ति जिसमें ऐतिहासिक संदर्भ हो - ______

2. 'इतिहास हमें प्रेरणा देता है' विषय पर २५ से ३० शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

अजी क्या कहिए, हाँ क्या कहिए।
जिस मिट्टी में लक्ष्मीबाई जी, जनमी थीं झाँसी की रानी।
रजिया सुलताना, दुर्गावती, जो खूब लड़ी थीं मर्दानी।
जनमी थी बीबी चाँद जहाँ, पद्मिनी के जौहर की ज्वाला।
सीता, सावित्री की धरती, जनमी ऐसी-ऐसी बाला।
गर डींग जनाब उड़ाएँगे, तो मजबूरन ताने सहिए, ताने सहिए, ताने सहिए।
हम उस धरती की लड़की हैं...
यों आप खफा क्यों होती हैं, टंटा काहे का आपस में।
हमसे तुम या तुमसे हम बढ़-चढ़कर क्या रक्खा इसमें।

(1) सूचनानुसार लिखिए-  (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें लड़ाई का संदर्भ है।
    __________________
  2. ऐसी पंक्ति जिसमें जौहर का संदर्भ हैं।
    __________________

(2) 'देश की प्रगति में महिलाओं का योगदान' विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।  (2)


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