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Question
कहानी के किस-किस मोड़ पर लुट्टन के जीवन में क्या-क्या परिवर्तन आए?
Solution
RELATED QUESTIONS
गाँव में महामारी फैलने और अपने बेटों के देहांत के बावजूद लुट्टन पहलवान का ढोल क्यों बजाता रहा?
ढोलक की आवाज़ का पूरे गाँव पर क्या असर होता था?
महामारी फैलने के बाद गाँव में सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य में क्या अंतर होता था?
कुश्ती या दंगल पहले लोगों और राजाओं का प्रिय शौक हुआ करता था। पहलवानों को राजा लोगों के द्वारा विशेष सम्मान दिया जाता था-
- ऐसी स्थिति अब क्यों नहीं है?
- इसकी जगह अब किन खेलों ने ले ली है?
- कुश्ती को फिर से प्रिय खेल बनाने के लिए क्या-क्या कार्य किए जा सकते हैं?
चर्चा करें- कलाओं का अस्तित्व व्यवस्था का मोहताज़ नहीं है।
- चिकित्सा
- क्रिकेट
- न्यायालय
- या अपनी पसंद का कोई क्षेत्र
- फिर बाज़ की तरह उस पर टूट पड़ा।
- राजा साहब की स्नेह-दृष्टि ने उसकी प्रसिद्धि में चार चाँद लगा दिए।
- पहलवान की स्त्री भी दो पहलवानों को पैदा करके स्वर्ग सिधार गई थी।
इन विशिष्ट भाषा-प्रयोगों का प्रयोग करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।
‘ढोल में तो जैसे पहलवान की जान बसी थी।’ ‘पहलवान की ढोलक पाठ के आधार पर तर्क सहित पंक्ति को सिद्ध कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न के लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए :-
कहानी 'पहलवान की ढोलक' व्यवस्था के बदलने के साथ लोक कला और इसके कलाकार के अप्रासंगिक हो जाने की कहानी है। पंक्ति को विस्तार दीजिए।