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किस तरह से एक बाज़ार जैसे कि एक साप्ताहिक ग्रामीण बाज़ार, एक सामाजिक संस्था है? - Sociology (समाजशास्त्र)

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Question

किस तरह से एक बाज़ार जैसे कि एक साप्ताहिक ग्रामीण बाज़ार, एक सामाजिक संस्था है?

Long Answer

Solution

यद्यपि बाजार आर्थिक अंत:क्रिया का स्थल है तथापि ये सामाजिक संदर्भ और सामाजिक वातावरण पर आधारित है। इसे हम एक ऐसा सामाजिक संगठन भी कह सकते हैं, जहाँ कि विशेष प्रकार की सामाजिक अंत:क्रियाएँ संपन्न होती हैं।

अनियतकालीन बाजार (या साप्ताहिक बाज़ार) सामाजिक तथा आर्थिक संगठन की प्रमुख विशेषता है। यह आसपास के गाँवों को अवसर प्रदान करता है कि जो अपनी वस्तुओं की खरीद-बिक्री के साथ-साथ एक-दूसरे के साथ अंत:क्रिया करें। गाँवों में, जनजातीय क्षेत्रों में नियमित बाजारों के अलावा विशेष बाजारों का भी आयोजन किया जाता है। यहाँ विशेष प्रकार के उत्पादों की बिक्री की जाती है। उदाहरणस्वरूप, राजस्थान में पुस्कर। यहाँ बाहर के व्यापारी, साहूकार, प्रदर्शक, ज्योतिषी इत्यादि अपनी सेवाओं तथा उत्पादों के विक्रय के लिए आते हैं।
अतएव, इस प्रकार के अनियतकालीन बाजार केवल स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं की ही पूर्ति नहीं करते वरन् वे गाँवों को क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था एवं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से भी जोड़ते हैं। इस प्रकार | से, जनजातीय क्षेत्रों में लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं, जिससे इस प्रकार के बाजार एक सामाजिक संस्था के रूप में परिवर्तित हो जाते हैं।

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भूमंडलीकरण - स्थानीय, क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को गठजोड़
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Chapter 4: बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में - प्रश्नावली [Page 82]

APPEARS IN

NCERT Sociology [Hindi] Class 12
Chapter 4 बाज़ार एक सामाजिक संस्था के रूप में
प्रश्नावली | Q 3. | Page 82
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