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किशोरों के व्यवहारों को उपलब्धि, संबंधन तथा शक्ति की आवश्यकताएँ कैसे प्रभावित करती हैं ? उदाहरणों के साथ समझाइए। - Psychology (मनोविज्ञान)

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Question

किशोरों के व्यवहारों को उपलब्धि, संबंधन तथा शक्ति की आवश्यकताएँ कैसे प्रभावित करती हैं ? उदाहरणों के साथ समझाइए।

Long Answer

Solution

प्रतिदिन हमें दूसरों के साथ की अथवा मित्रों की आवश्यकता होती है या हम दूसरों के साथ किसी प्रकार का संबंध बनाना चाहते हैं। कोई भी व्यक्ति सदैव अकेले नहीं रहना चाहता। जैसे ही लोग परस्पर आपस में कुछ समानताएँ देखते हैं, वे एक समूह बना लेते हैं। समूह का निर्माण अथवा सामूहिकता मानव जीवन की एक प्रमुख विशेषता है। अक्सर लोग दूसरों के निकट बे हँचने, उनकी सहायता प्राप्त करने तथा उनके समूह का सदस्य बनने के लिए अत्यधिक प्रयास करते हैं। करो को चाहना तथा भौतिक एवं मनोवैज्ञानिक रूप से उनके निकट आने की इच्छा को संबंधन कहते हैं। इसमें सामाजिक संपर्क की अभिप्रेरणा पाई जाती है। संबंधन की आवश्यकता उस समय जाग्रत होती है, जब लोग अपने को खतरे में या असहाय अनुभव करते हैं, और उस समय भी जब वे प्रसन्न होते हैं। जिन व्यक्तियों में यह आवश्यकता प्रबल होती है वे दूसरों का साथ खोजते हैं तथा दूसरों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखते हैं।

  1. शक्ति अभिप्रेरक :
    शक्ति की आवश्यकता व्यक्ति को ऐसी योग्यता है जिसके कारण वह दूसरों के संवेगों तथा व्यवहारों पर अभिप्रेत प्रभाव डालता है। शक्ति अभिप्रेरक के अनेक लक्ष्य हैं, प्रभाव डालना, नियंत्रण करना, सम्मत कराना, नेतृत्व करना तथा दूसरों को मोहित कर लेना और सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण, दूसरों की दृष्टि में अपनी प्रतिष्ठा को ऊंचा उठाना।
  2. डेविड मैकक्लीलैंड (David McClelland, 1975) :
    इसने शक्ति अभिप्रेरक की अभिव्यक्ति के चार सामान्य तरीके बताए हैं।
  3. प्रथम :
    व्यक्ति शक्ति या सामर्थ्य का बोध प्राप्त करने के लिए अपने बाहर के स्रोतों का उपयोग करता है जैसे - खेल के सितारों के बारे में कहानियाँ पढ़कर या किसी लोकप्रिय व्यक्ति के साथ संलग्न होकर।
  4. द्वितीय :
    शक्ति का बोध अपने भीतर के स्रोतों द्वारा भी किया जा सकता है और उसकी अभिव्यक्ति शारीरिक सौष्ठव का निर्माण करके तथा अपने आवेगों एवं अंतःप्रेरणाओं पर नियंत्रण करके की जा सकती है।
  5. तृतीय :
    व्यक्ति कुछ कार्य व्यक्तिगत स्तर पर दूसरों पर प्रभाव डालने के लिए कार्य करता है। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति बहस करता है या किसी अन्य व्यक्ति के साथ इसलिए प्रतियोगिता करता है कि उसको प्रभावित कर सके या उससे प्रतिस्पर्धा कर सके।
  6. चतुर्थ :
    व्यक्ति किसी संगठन के सदस्य के रूप में दूसरों पर प्रभाव डालने के लिए भी कार्य करता है जैसे कि किसी राजनीतिक दल के नेता के रूप में; वह राजनीतिक दल के तंत्र का उपयोग दूसरों को प्रभावित करने के लिए कर सकता है। इनमें से कोई भी तरीका किसी व्यक्ति की शक्ति अभिप्रेरणा की अभिव्यक्ति में प्रमुख हो सकता है या उस पर छा सकता है किंतु इसमें आयु और जीवन अनुभवों के साथ परिवर्तन भी आता है।
  7. उपलब्धि अभिप्रेरक :
    कुछ विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक या श्रेणी पाने के लिए कठोर परिश्रम करते हैं या दूसरे के साथ स्पर्धा करते हैं क्योंकि अच्छे अंक या श्रेणी उनके लिए उच्च शिक्षा और अच्छी नौकरी का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। उत्कृष्टता के मापदंड को प्राप्त करने की यह आवश्यकता उपलब्धि अभिप्रेरक कहलाती है। उपलब्धि की आवश्यकता, जिसे n-Ach भी कहते हैं, व्यवहारों का ऊर्जन एवं निर्देशन करती है तथा परिस्थितियों के प्रत्यक्षण को प्रभावित करती है।
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अभिप्रेरकों के प्रकार
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Chapter 9: अभिप्रेरणा एवं संवेग - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 195]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 11
Chapter 9 अभिप्रेरणा एवं संवेग
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 3. | Page 195
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