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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

किसी एक प्रयाणगीत का वाचन करो। गुट बनाकर शालेय समारोह में सुनाओ। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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Question

किसी एक प्रयाणगीत का वाचन करो। गुट बनाकर शालेय समारोह में सुनाओ।

Short Answer

Solution

प्रयाणगीत वह काव्य रचना है जो उत्साह, वीरता, और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। यशंकर प्रसाद का "प्रयाणगीत" इस श्रेणी में एक प्रमुख रचना है। आप इसे शालेय समारोह में समूह के साथ प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रयाणगीत:

प्रयाणगीत तुंग शृंग से, प्रबुद्ध शुद्ध भारती।

स्वयंप्रभा समुज्ज्वला, स्वतंत्रता पुकारती॥

मर्त्य वीर पुत्र हो, दृढ़-प्रतिज्ञ सोच लो।

प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो बढ़े चलो॥

संख्य कीर्ति रश्मियाँ, विकीर्ण दिव्य दाह-सी।

सपूत मातृभूमि के, रुको न शूर साहसी॥

राति सैन्य सिंधु में, सुबाड़वाग्नि से जलो।

प्रवीर हो जयी बनो, बढ़े चलो बढ़े चलो॥

इस कविता में कवि ने हिमालय की ऊँचाइयों से स्वतंत्रता की पुकार का आह्वान किया है और वीर पुत्रों को दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।प इस कविता का समूह में अभ्यास करके शालेय समारोह में प्रस्तुत कर सकते हैं, जिससे श्रोताओं में उत्साह और देशभक्ति की भावना जागृत होगी। 

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Chapter 1.7: मेरे देश के लाल - अंतःपाठ प्रश्न [Page 24]

APPEARS IN

Balbharati Integrated 7 Standard Part 2 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 1.7 मेरे देश के लाल
अंतःपाठ प्रश्न | Q ११. | Page 24
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