English

किसी नाभिकीय अभिक्रिया A + b→ C + d का Q-मान निम्नलिखित समीकरण द्वारा परिभाषित होता है: Q= [mA +mb – mc – md] c2 - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

किसी नाभिकीय अभिक्रिया A + b→ C + d का Q-मान निम्नलिखित समीकरण द्वारा परिभाषित होता है: Q= [mA +mb – mc – md] c2
जहाँ दिए गए द्रव्यमान, नाभिकीय विराम द्रव्यमान (rest mass) हैं। दिए गए आँकड़ों के आधार पर बताइए कि निम्नलिखित अभिक्रियाएँ ऊष्माक्षेपी हैं या ऊष्माशोषी।

(i) \[\ce{_1^1 H + _1^3 H -> _1^2 H + _1^2 H}\]

(ii) \[\ce{_6^12 C + _6^12 C -> _10^20 Ne + _2^4 He}\]

दिए गए परमाणु द्रव्यमान इस प्रकार हैं:

m\[\ce{(_1^2H)}\] = 2.014102 u

m\[\ce{(_1^3H)}\] = 3.016049 u

m\[\ce{(_6^12C)}\] = 12.000000u

m\[\ce{(_10^20 Ne)}\] = 19.992439 u

Numerical

Solution

(i) दी गई अभिक्रिया निम्नलिखित है

\[\ce{_1^1 H + _1^3 H -> _1^2 H + _1^2 H}\]

इस अभिक्रिया का Q-मान निम्नलिखित है -

Q = `["m"_"N" (""_1^1"H") + "m"_"N"(""_1^3"H") - "m"_"N"(""_1^2"H") - "m"_"N"(""_1^2"H")]"c"^2`

यहाँ mN का अर्थ नाभिकीय द्रव्यमान से है जबकि m का अर्थ परमाणु द्रव्यमान है।

∵ `"m"_"N" (""_1^1"H") = "m"(""_1^1 "H") - "m"_"e"`     [me = इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान]

`"m"_"N" (""_1^3"H") = "m"(""_1^3 "H") - "m"_"e"`

`"m"_"N" (""_1^2"H") = "m"(""_1^2 "H") - "m"_"e"`

∴ `"m"_"N" (""_1^1"H") + "m"_"N" (""_1^3"H") - "m"_"N" (""_1^2"H") - "m"_"N" (""_1^2"H")` 

`= "m" (""_1^1"H") - "m"_"e" + "m"(""_1^3"H") - "m"_"e" - "m"(""_1^2"H") + "m"_"e" - "m"(""_1^2"H") + "m"_"e"`

`= "m"(""_1^1"H") + "m"(""_1^3"H") - "m"(""_1^2"H") - "m" (""_1^2"H")`

= 1.007825 + 3.016049 - 2.014102 - 2.014102

= - 0.004993 u = - 0.004339 × 1.66 × 10-27 kg   [∵ m`( ""_1^1"H")` = 1.007825 u व 1 u = 1.66 × 10-27 kg]

∴ Q = - 0.004339 × 1.66 × 10-27 × (3 × 108)2 J

= - 6.46 × 10-13 J

∵ इस अभिक्रिया का Q मान ऋणात्मक है; अतः यह ऊष्माशोषी अभिक्रिया है।

(ii) दी गई अभिक्रिया निम्नलिखित है - 

\[\ce{_6^12 C + _6^12 C -> _10^20 Ne + _2^4 He}\]

अभिक्रिया का Q-मान निम्नलिखित है -

Q = `[2 xx "m"_"N" (""_6^12"C") - "m"_"N"(""_10^20"Ne") - "m"_"N"(""_2^4 "He")]`

`∵ "m"_"N" (""_6^12"C") = "m"(""_6^12"C") - 6 "m"_"e"`

`"m"_"N" (""_10^20"Ne") = "m"(""_10^20"Ne") - 10 "m"_"e"`

`"m"_"N" (""_2^4"He") = "m"(""_2^4"He") - 2 "m"_"e"`

∴ `2 xx "m"_"N" (""_6^12"C") - "m"_"N" (""_10^20 "Ne") - "m"_"N" (""_2^4"He")`

`= 2 xx ["m"(""_6^12 "C") - 6"m"_"e"] - "m"(""_10^20"Ne") + 10"m"_"e" - "m"(""_2^4"He") + 2"m"_"e"`

`= 2 xx "m"(""_6^12"C") - "m"(""_10^20 "Ne") - "m"(""_2^4 "He")`

= 2 × 12.000000 - 19.992439 - 4.002603    `[∵ "m" (""_2^4"He") = 4.002603]`

= 0.004958 u = 0.004958 × 1.66 × 10-27 kg

∴ Q = 0.004958 × 1.66 × 10-27 × (3 × 108)2 J

= 7.41 × 10-13 J

Q-मान धनात्मक है; अत: यह अभिक्रिया ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

shaalaa.com
द्रव्यमान-ऊर्जा
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 13: नाभिक - अभ्यास [Page 465]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 12
Chapter 13 नाभिक
अभ्यास | Q 13.15 | Page 465

RELATED QUESTIONS

\[\ce{_{38}^{90}{Sr}}\] की अर्धायु 28 वर्ष है। इस समस्थानिक के 15 mg की विघटन दर क्या है?


स्वर्ण के समस्थानिक \[\ce{_{79}^{197}{Au}}\] एवं रजत के समस्थानिक \[\ce{_{47}^{107}{Ag}}\] की नाभिकीय त्रिज्या के अनुपात का सन्निकट मान ज्ञात कीजिए।


रेडियोन्यूक्लाइड \[\ce{_{6}^{11}{C}}\] का क्षय निम्नलिखित समीकरण के अनुसार होता है,

\[\ce{_6^11C -> _5^11B + e^+ + \text{v}}\]; T1/2 = 20.3 min

उत्सर्जित पॉजिट्रॉन की अधिकतम ऊर्जा 0.960 Mev है। द्रव्यमानों के निम्नलिखित मान दिए गए हैं

\[\ce{m (_6^11C) = 11.011434 u}\] तथा \[\ce{m(_6^11B) = 11.009305 u}\],

Q-मान की गणना कीजिए एवं उत्सर्जित पॉजिट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा के मान से इसकी तुलना कीजिए।


\[\ce{_{94}^{239}{Pu}}\] के विखण्डन गुण बहुत कुछ \[\ce{_{92}^{235}{U}}\] से मिलते-जुलते हैं। प्रति विखण्डन विमुक्त औसत ऊर्जा 180 MeV है। यदि 1kg शुद्ध \[\ce{_{94}^{239}{Pu}}\] के सभी परमाणु विखण्डित हों तो कितनी MeV ऊर्जा विमुक्त होगी?


दो ड्यूट्रॉनों के आमने-सामने की टक्कर के लिए कूलॉम अवरोध की ऊँचाई ज्ञात कीजिए। (संकेत-कूलॉम अवरोध की ऊँचाई का मान इन ड्यूट्रॉन के बीच लगने वाले उस कूलॉम प्रतिकर्षण बल के बराबर होता है जो एक-दूसरे को सम्पर्क में रखे जाने पर उनके बीच आरोपित होता है। यह मान सकते हैं कि ड्यूट्रॉन 2.0 fm प्रभावी त्रिज्या वाले दृढ़ गोले हैं।)


समीकरण R= R0A1/3 के आधार पर, दर्शाइए कि नाभिकीय द्रव्य को घनत्व लगभग अचर है (अर्थात् A पर निर्भर नहीं करता है)। यहाँ R0 एक नियतांक है एवं A नाभिक की द्रव्यमान संख्या है।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×