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Question
किसी पार्क में जाकर झूला झूलते समय आप एक रोचक क्रियाकलाप कर सकते हैं। इसके लिए आपको एक घड़ी चाहिए। झूले पर बिना किसी को बैठाए, उसे दोलन करने दीजिए। जिस प्रकार आपने लोलक का आवर्तकाल ज्ञात किया था, उसी प्रकार इसका आवर्तकाल ज्ञात कीजिए। यह सुनिश्चित कर लें कि झूले की गति को कोई झटका नहीं लगना चाहिए। अब अपने किसी मित्र से झूले पर बैठने के लिए कहिए। झूले को एक धक्का देकर इसे स्वाभाविक रूप से झूलने दीजिए। इसका आवर्तकाल फिर मापिए। इस क्रियाकलाप को विभिन्न व्यक्तियों को झूले पर बैठाकर दोहराइए। विभिन्न प्रकरणों में मापे गए झूले के आवर्तकालों की तुलना कीजिए। इस क्रियाकलाप से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं?
Solution
इस क्रियाकलाप को करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:
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प्रारंभिक सेटअप:
- एक पार्क में जाएं जहाँ झूला उपलब्ध हो।
- समय मापने के लिए एक घड़ी या स्टॉपवॉच साथ रखें।
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झूले को बिना किसी के:
- झूले को बिना किसी के बैठाए उसे धीरे-धीरे 'दोलन करने दीजिए।
- सुनिश्चित करें कि झूले की गति को कोई झटका नहीं लगे।
- घड़ी का उपयोग करके झूले का आवर्तकाल मापें। आवर्तकाल वह समय होता है जिसमें झूला एक पूर्ण आवर्तन पूरा करता है और वापस अपनी प्रारंभिक स्थिति में आता है।
- मापा गया आवर्तकाल रिकॉर्ड करें।
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झूले पर व्यक्ति के साथ:
- अपने किसी मित्र से झूले पर बैठने के लिए कहिए।
- झूले को एक हल्का धक्का दें और इसे स्वाभाविक रूप से झूलने दीजिए।
- अपने घड़ी का उपयोग करके झूले का आवर्तकाल मापें।
- मापा गया आवर्तकाल रिकॉर्ड करें।
- इस प्रक्रिया को विभिन्न मित्रों को झूले पर बैठाकर दोहराएं और प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवर्तकाल मापें और रिकॉर्ड करें।
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तुलना और निष्कर्ष:
- विभिन्न परिस्थितियों में मापे गए आवर्तकालों की तुलना करें: बिना किसी के बैठाए, और विभिन्न व्यक्तियों के साथ।
- आप पाएंगे कि जब झूले पर कोई व्यक्ति बैठा होता है, तो आवर्तकाल बदल जाता है। झूले का आवर्तकाल झूले की लंबाई और उस पर कार्य करने वाले गुरुत्वाकर्षण बल पर निर्भर करता है। जब कोई व्यक्ति झूले पर बैठता है, तो द्रव्यमान का वितरण बदल जाता है, जिससे आवर्तकाल प्रभावित होता है।
- सामान्यतः, जब झूले पर व्यक्ति बैठा होता है, तो झूले का आवर्तकाल बढ़ जाता है क्योंकि अतिरिक्त भार झूले के जड़त्वाघूर्ण को बढ़ा देता है।
निष्कर्ष: इस क्रियाकलाप से यह निष्कर्ष निकलता है कि झूले का आवर्तकाल उस पर बैठने वाले व्यक्ति के भार के अनुसार बदलता है। व्यक्ति का अतिरिक्त भार झूले की दोलन की गतिशीलता को बदल देता है, जिसके परिणामस्वरूप झूले का आवर्तकाल बिना व्यक्ति के झूलने की तुलना में अलग होता है।