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‘कला अभिव्यक्ति का माध्यम है’ अंतरजाल की सहायता से इसकी जानकारी इकट्‌ठा कर पढ़िए। - Hindi - Composite [हिंदी - संयुक्त]

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Question

‘कला अभिव्यक्ति का माध्यम है’ अंतरजाल की सहायता से इसकी जानकारी इकट्‌ठा कर पढ़िए।

Long Answer

Solution

कला अभिव्यक्ति का माध्यम है। कला जीवन को सत्यम, शिवम, सुंदरम से समन्वित करती है। कलाओं, साहित्य, संगीत, नृत्य, चित्रकला, थिएटर, फिल्म, और अन्य कला रूपों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके माध्यम से ही बुद्धि और आत्मा का सत्य स्वरूप झलकता है। वह कला ही है, जिसमें मानव मन में संवेदनाएँ उभारने; प्रवृत्तियों को ढालने; चिंतन को मोड़ने; अभिरुचि को दिशा देने की अद्भुत क्षमता है। विभिन्न कला सम्मेलन और ऑनलाइन वेबिनार में शामिल होकर विशेषज्ञों और कला प्रेमियों से सीधे जुड़ें है। यह आपको नई विचार और अनुभवों का सामरिक विश्लेषण प्रदान कर सकता है। मानव को सम्मोहित करने की शक्ति है, जिससे वह अपने भावों को अभिव्यक्त करने में अधिक समय नहीं लगाता है। व्यक्ति जैसा देखता है या अनुभव करता है, वह चित्रकला के माध्यम से ही उसे ढालने का प्रयास करता है।

जब व्यक्ति की कला संगीत के रूप में उभरने लगती है, तब गायन एवं वादयों की झंकार सुनकर श्रोता खुश हो जाते हैं। विभिन्न ऑनलाइन आर्ट गैलरी पर आर्टिस्ट्स की रचनाओं को देखें और उनके रूपों के माध्यम से कला अभिव्यक्ति की विभिन्न रूपों को समझें। संगीत केवल मानव में ही नहीं, अपितु पशु-पक्षियों, पेड़- पौधों में भी अमृत रस भर देता है।

मूर्तिकला, वास्तुकला, भित्तिचित्रों की कलाएँ देखकर यह पता चलता है कि ऐतिहासिक काल में ये कलाएँ मानव के भावों को अभिव्यक्त करने का माध्यम थीं। इन सब बातों से यह स्पष्ट होता है कि कला मानव मन की अभिव्यक्ति का एक साधन है।

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चार हाथ चॉंदना
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Chapter 2.5: चार हाथ चॉंदना (पठनार्थ) - स्वाध्याय [Page 47]

APPEARS IN

Balbharati Hindi (Composite) - Lokvani Class 10 Maharashtra State Board
Chapter 2.5 चार हाथ चॉंदना (पठनार्थ)
स्वाध्याय | Q २ | Page 47

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित पठित गद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए-

अमृता प्रीतम - आप औरत को औरत के तौर पर महत्त्व नहीं देते ? केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं ?

शोभा सिंह - मैं रचनात्मक शक्ति के सम्बन्ध में कह रहा हूँ।

जैसे अमृता का महत्त्व उसके लेखिका होने के कारण है, शोभा सिंह का चित्रकार होने के कारण, उसी तरह औरत का महत्त्व उसके माँ होने के कारण है। उसकी रचनात्मक शक्ति उसके माँ होने में है। अपने अस्तित्व की धरती में वह एक बीज को धारण करने के लिए माँ-बाप, बहन- भाई, घर-सहेलियाँ, सब कुछ छोड़कर वह एक नई और ऊपरी धरती पर चली जाती है। यह कितनी बड़ी साधना है यह उसकी कला है, उसकी दैवी शक्ति उसका ज्ञान इसी जगह वह ' जीनियस ' है।

(1) कृति पूर्ण कीजिए (2)

(2) (i) लिंग परिवर्तन करके वाक्य फिर से लिखिए :  (1)

केवल माँ के तौर पर महत्त्व देते हैं।

(ii) निम्तलिखित शब्दों के लिए गद्यांश यें आए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए।  (1)

  1. नारी - ______
  2. बल - ______

(3) स्त्री होने का महत्त्व 20 से 30 शब्दों में समझाइए।  (2)


‘रंगों का जीवन में बड़ा महत्त्व है’ उदाहरण सहित स्‍पष्‍ट लिखिए।


‘कलादीर्घा (आर्ट गैलरी) में बिताए हुए समय’ का अपना अनुभव अपने मित्रों को बताइए।


शोभा सिंह ने ‘सत्‍यम्, शिवम्, सुंदरम्’ का क्रम बदला है।


प्रश्नकर्ता के अनुसार हमारी धरती का यथार्थ बहुत भयानक नहीं है।


कलाकार की शक्‍ति उसके चिंतन में है।


शोभा सिंह कलाकार का कर्म एक छोटी-सी जलती हुई मोमबत्‍ती नहीं समझते।


कृति पूर्ण कीजिए:


उचित जोड़ियाँ मिलाइए:

उत्‍तर
चित्रकार ______ माँ
लेखक ______ शोभा सिंह
ईश्वर ______ अमृता प्रीतम
जीनियस ______ बेगाना पुत्र
    कलाकार

सुंदरता के लिए ______ सबसे पहली अवस्‍था है।


हमारी धरती का ______ बहुत भयानक है।


कलाकार की शक्‍ति उसके ______ में है।


मैं रचनात्‍मक ______ के संबंध में कह रहा हूँ।


पाठ में प्रयुक्‍त ऐसे शब्‍द ढूँढ़कर लिखिए जिनका वचन परिवर्तन नहीं होता।

जैसे : वृक्ष = वृक्ष


‘कला जीवन को आनंदित करने का साधन है,’ विषय पर अपना मत स्‍पष्‍ट कीजिए।


‘पुस्‍तक मेले में दो घंटे’ विषय पर अस्‍सी से सौ शब्‍दों में निबंध लिखिए।


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