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“कोई और काम कर लूँगा, परंतु सच्‍चाई काे न छोडूँगा।’’ पंडित सर्वदयाल जी के इस वाक्‍य से उनके व्‍यक्तित्‍व का परिचय दीजिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

“कोई और काम कर लूँगा, परंतु सच्‍चाई काे न छोडूँगा।’’ पंडित सर्वदयाल जी के इस वाक्‍य से उनके व्‍यक्तित्‍व का परिचय दीजिए।

Answer in Brief

Solution

पंडित सर्वदयाल जी के इस वाक्य से उनके व्यक्तित्व का परिचय एक महान और सच्चे आदर्श के साथ जुड़ता है। इस वाक्य में वह अपने मूल्यों और नैतिकता के प्रति अपनी पक्षपात रहित प्रतिबद्धता को दिखाते हैं। पंडित सर्वदयाल जी के लिए सच्चाई और नैतिकता उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था, और वह किसी भी काम के लिए अपनी प्रतिबद्धता को साझा करने के बजाय सच्चाई के प्रति अपनी पूरी प्राथमिकता देते थे। वे सीखने और सुधारने के लिए सच्चाई के साथ हैं, और वे इसे कभी भी नहीं छोड़ेंगे। पंडित सर्वदयाल जी का यह संदेश भी आता है कि वे अपने आदर्शों और मूल्यों के लिए किसी भी प्रकार के संघर्ष और बलिदान के लिए तैयार थे, और वे कभी भी अपनी नैतिक ज्ञान को कमजोर नहीं होने देंगे। वे सच्चाई के प्रति अपने समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं और उनका यह विचार उनके कार्यों और जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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सच का सौदा
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Chapter 2.12: सच का सौदा - स्वाध्याय [Page 111]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.12 सच का सौदा
स्वाध्याय | Q (२) | Page 111
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