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Questions
कोलॉइडी विलयनों को परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम की भौतिक अवस्थाओं के आधार पर कैसे वर्गीकृत किया जाता है?
कोलॉइडों को निम्नलिखित आधार पर कैसे वर्गीकृत किया गया है?
घटकों की भौतिक अवस्था।
Solution
परिक्षिप्त प्रावस्था एवं परिक्षेपण माध्यम की भौतिक अवस्थाओं के आधार पर वर्गीकरण (Classification based on the Physical state of Dispersed phase and Dispersion medium) – परिक्षिप्त प्रावस्था तथा परिक्षेपण माध्यम की भौतिक अवस्थाओं के आधार पर आठ प्रकार के कोलॉइडी तन्त्र सम्भव हैं। एक गैस का दूसरी गैस के साथ मिश्रण समांगी होता है, अत: यह कोलॉइडी तन्त्र नहीं होता। विभिन्न प्रकार के कोलॉइडों के उदाहरण उनके विशिष्ट नामों सहित निम्नांकित सारणी में दिए गए हैं –
सारणी – कोलॉइडी तन्त्रों के प्रकार (Types of Colloidal Systems)
परिक्षिप्त प्रावस्था | परिक्षेपण माध्यम | कोलॉइड का प्रकार | उदाहरण |
ठोस | ठोस | ठोस सॉल | कुछ रंगीन काँच एवं रत्न प्रस्तर |
ठोस | द्रव | सॉल | प्रलेप (पेंट), कोशिका तरल |
ठोस | गैस | ऐरोसॉल | धुआँ, धूल |
द्रव | ठोस | जैल | पनीर, मक्खन, जेली |
द्रव | द्रव | इमल्शन (पायस) | दूध, बालों की क्रीम |
द्रव | गैस | ऐरोसॉल | धुन्ध, कोहरा, बादल, कीटनाशक स्प्रे |
गैस | ठोस | ठोस सॉल | प्यूमिस पत्थर, फोम रबड़ |
गैस | द्रव | फोम | फेन, फेंटी गई क्रीम, साबन के झाग |
अनेक परिचित व्यावसायिक उत्पाद एवं प्राकृतिक वस्तुएँ कोलॉइड हैं; उदाहरणार्थ – फेंटी हुई क्रीम झाग है जिसमें गैस, द्रव में परिक्षिप्त है। हवाई जहाजों के आपातकालीन अवतारण (emergency landing) के समय उपयोग किए जाने वाले अग्निशामक फोम भी कोलॉइडी तन्त्र होते हैं। अधिकांश जैविक तरले, जलीय सॉल (जल परिक्षिप्त ठोस) होते हैं। एक प्रारूपी कोशिका में उपस्थित प्रोटीन एवं न्यूक्लीक अम्ल कोलॉइड के आकार के कण होते हैं जो आयनों एवं लघु अणुओं के जलीय विलयन में परिक्षिप्त होते हैं।
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मिसेल क्या हैं? मिसेल निकाय का एक उदाहरण दीजिए।
निम्न पद को उचित उदाहरण सहित समझाइए।
ऐरोसॉल
“कोलॉइड एक पदार्थ नहीं पदार्थ की एक अवस्था है” इस कथन, पर टिप्पणी कीजिए।
निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प सही है?
- साबुनों के मिसेल का बनना सभी तापों पर संभव है।
- साबुनों के मिसेल किसी विशेष सांद्रता के बाद बनते हैं।
- साबुन के विलयन का तनुकरण करने से मिसेल वापस अलग-अलग आयनों में टूट जाते हैं।
- साबुन का विलयन सभी सांद्रताओं पर सामान्य प्रबल वैद्युत् अपघट्य के समान व्यवहार करता है।
पायस को ______ एवं ______ द्वारा तोड़ा नहीं जा सकता।
- गरम करना
- परिक्षेपण माध्यम की अधिक मात्रा मिलाकर
- हिमन
- पायसीकारक मिलाकर
जब एक कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र लगाया जाता हैं और वैद्युत कण-संचलन रुक जाता हैँ तो क्या परिघटना होती है?
(i) प्रतिलोम परासरण होने लगता है।
(ii) वैद्युत् परासरण होने लगता है।
(iii) परिक्षेपण माध्यम गति करना प्रारम्भ कर देता है।
(iv) परिक्षेपण माध्यम स्थिर हो जाता है।
साबुन को जल में विभिन्न सांद्रताओं में घोलने पर किस प्रकार के विलयन बनते हैं?
जब कोलॉइडी विलयन पर विद्युत् क्षेत्र अनुप्रयुक्त किया जाता है तो क्या होता है?
कोलॉइडी परिक्षेपण में ब्राउनी गति किस कारण होती है?