English

‘कविता कोने में घात लगाए बैठी है। यह हमारे जीवन मैं किसी भी क्षण वसंत की तरह आ सकती है।’ इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए। - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

‘कविता कोने में घात लगाए बैठी है। यह हमारे जीवन मैं किसी भी क्षण वसंत की तरह आ सकती है।’ इस कथन की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

Answer in Brief

Solution

  • सारी जटिलता के बावजूद कविता हमारी संवेदना के निकट होती है।
  • वह हमारे मन को छू लेती है। कभी-कभी झकझोर देती है।
  • कविता के मूल में संवेदना है, राग तत्त्व है। यह संवेदना, संपूर्ण सृष्टि से जुड़ने और उसे अपना बना लेने का बोध है।
  • यह वही संवेदना है जिसने रत्नाकर डाकू को वाल्मीकि बना दिया।
  • एक अच्छी कविता आमंत्रित करती है बार-बार पढ़े जाने के लिए, कुछ-कुछ शास्त्रीय संगीत की तरह।
  • जब तक आप उससे दूर है, रहस्यमयी लगेगी, करीब जाते ही उसे बार-बार और देर तक सुनने को जी चाहेगा। अच्छी कविता आप से सवाल करती है। सुने और पढ़े जाने वेफ बाद भी वह बची रह जाती है आपकी स्मृति में, बार-बार सोचने के लिए।
shaalaa.com
कैसे बनती है कविता
  Is there an error in this question or solution?
2022-2023 (March) Sample
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×