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कविता में किसान की पीड़ा के लिए किन्हें जिम्मेदार बताया गया है? - Hindi (Core)

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Question

कविता में किसान की पीड़ा के लिए किन्हें जिम्मेदार बताया गया है?

Answer in Brief

Solution

कविता में किसान की पीड़ा के लिए समस्त संसार को जिम्मेदार बताया गया है। कवि कहता है कि किसान को बीच धारा में छोड़कर समस्त संसार किनारे हो गया है। हमारी सारी व्यवस्था इस किसान की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार है। स्वतंत्रता के पश्चात् भी समस्त समाज के अन्नदाता किसान को उसकी मेहनत का फल मिलना तो दूर रहा, उसका सर्वस्व छीन लिया जाना दुखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है।

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वे आँखें
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Chapter 2.04: वे आँखें - अभ्यास [Page 149]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Aaroh Class 11
Chapter 2.04 वे आँखें
अभ्यास | Q 2. | Page 149

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अंधकार की गुहा सरीखी
उन आँखों से डरता है मन।

क. आमतौर पर हमें डर किन बातों से लगता है?

ख. उन आँखों से किसकी ओर संकेत किया गया है?

ग. कवि को उन आँखों से डर क्यों लगता है?

घ. डरते हुए भी कवि ने उस किसान की आँखों की पीड़ा का वर्णन क्यों किया है?

ङ. यदि कवि इन आँखों से नहीं डरता क्या तब भी वह कविता लिखता?


पिछले सुख की स्मृति आँखों में क्षण भर एक चमक है लाती - इसमें किसान के किन पिछले सुखों की ओर संकेत किया गया है?


संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें-

उजरी उसके सिवा किसे कब
पास दुहाने आने देती?


संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें -

घर में विधवा रही पतोहू
लछमी थी, यद्यपि पति घातिन,


संदर्भ सहित आशय स्पष्ट करें - 

पिछले सुख की स्मृति आँखों में
क्षण भर एक चमक है लाती,
तुरत शून्य में गड़ वह चितवन,
तीखी नोक सदृश बन जाती।


“घर में विधवा रही पतोहू ...../ खैर पैर की जूती, जोरू/एक न सही दूजी आती” इन पंक्तियों को ध्यान में रखते हुए ‘वर्तमान समाज और स्त्री’ विषय पर एक लेख लिखें।


किसान अपने व्यवसाय से पलायन कर रहे हैं इस विषय पर परिचर्चा आयोजित करें तथा कारणों की भी पड़ताल करें।


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