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Question
कविता (मेरी स्मृति) में ‘कोयल’ तथा ‘साँझ’ के संदर्भ में आया वर्णन लिखिए।
Solution
- कोयल : आम का मौसम आते ही अमराइयों में कोयल कूकने लगती है। कोयल के आते ही बगीचों में बाँसुरी की धुन सुनाई पड़ती है तथा बोर महकने लगते हैं। कोयल का मधुर स्वर सुनकर ऐसा लगता है कि अमराई में बाँसुरी बज रही है।
- साँझ : कवि ने "साँझ" शब्द का प्रयोग 'शाम" के लिए किया हैं। शाम के समय आसमान तारे निकल आते हैं। वर्षा ऋतु में पानी बरसने लगता है। रात के आने की सूचना देते हुए झींगुर बोलने लगते हैं।
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पहचान कर लिखिए :
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महकने वाला
हाइकु में निम्नलिखित अर्थ में आए शब्द :
पेड़
हाइकु में निम्नलिखित अर्थ में आए शब्द :
शाम
पहचानकर लिखिए :
प्रतीक्षा करने वाली
जोड़ियाँ मिलाइए :
अ | आ |
१. गाँव की दोपहर | झींगुर |
२. मेहँदी की गंध | व्यथा |
३. शहनाई | छाँव |
४. छाई घटा | याद |
मेरी स्मृति इस कविता में नीचे दिए गए पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
'महुआ खड़ा ------ नभ है घिरा |'
निम्नलिखित मुदूदों के आधार पर पद्यविश्लेघषण कीजिए :
'मेरी स्मृति' अथवा 'चिंता' मुद्दे:
- रचनाकार का नाम
- रचना की विधा
- पसंद की पंक्तियाँ
- पंक्तियाँ पसंद होने के कारण
- रचना से प्राप्त संदेश/प्रेरणा।
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
महुआ खड़ा किसकी व्यथा साँझ का तारा कौन संदेशा |
(1) उचित मिलान कीजिए: (2)
‘अ’ | ‘आ’ |
(i) महुआ | आम |
(ii) साँझ | पवन |
(iii) संदेशा | श्वेत चादर |
(iii) व्यथा | तारा |
घटा |
(2) (i) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: (1)
- नभ - ______
- निशा - ______
(ii) निम्नलिखित शब्दों के वचन परिवर्तन कीजिए: (1)
- तारा - ______
- घटा - ______
(3) उपर्युक्त पद्यांश से किसी एक हाइकु का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)