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कविता (संध्या सुंदरी) की अंतिम छह पंक्‍तियों का भावार्थ लिखिए। सुलाती उन्हें अंक पर अपने, दिखलाती फिर विस्‍मृति के वह अगणित मीठे सपने। अद्‌र्धरात्रि की निश्चलता में हो जाती - Hindi [हिंदी]

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Question

कविता (संध्या सुंदरी) की अंतिम छह पंक्‍तियों का भावार्थ लिखिए। 

सुलाती उन्हें अंक पर अपने,
दिखलाती फिर विस्‍मृति के वह अगणित मीठे सपने।
अद्‌र्धरात्रि की निश्चलता में हो जाती जब लीन,
कवि का बढ़ जाता अनुराग,
विरहाकुल कमनीय कंठ से,
आप निकल पड़ता तब एक विहाग ! 

Short Note

Solution

कवि 'निराला' कहते हैं कि संध्या जब थके-हारे लोगों को अमृत का एक प्याला पीला देती है, तब उन्हें अपनी गोद में लेकर सुला लेती है | सोने के बाद थके-हारे लोगों को संध्या भूले-बिसरे असंख्य मीठे सपने दिखती है | आधी रात के समय जब सब कुछ स्थिर हो जाता है, तब कवि का प्रेम बढ़ जाता है, तथा उसके विरहाकुल सुरीले गले से संगीत का एक राग निकल पड़ता है |

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संध्या सुंदरी
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Chapter 2.01: संध्या सुंदरी - स्‍वाध्याय [Page 58]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 2.01 संध्या सुंदरी
स्‍वाध्याय | Q (४) | Page 58
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