English

क्या आप कारण बता सकते हैं कि हमें उन चिंतकों के कार्यों का अध्ययन क्यों करना चाहिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है? इनके कार्यों का अध्ययन न करने के कुछ कारण क्या हो सकते हैं? - Sociology (समाजशास्त्र)

Advertisements
Advertisements

Question

क्या आप कारण बता सकते हैं कि हमें उन चिंतकों के कार्यों का अध्ययन क्यों करना चाहिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है? इनके कार्यों का अध्ययन न करने के कुछ कारण क्या हो सकते हैं?

Answer in Brief

Solution

हमें उन चिंतकों के कार्यों का अध्ययन इसलिए करना चाहिए जिनकी मृत्यु हो चुकी है क्योंकि हम उनकी रचनाओं से प्रेरणा तथा मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं तथा उन्हें समाज कल्याण में प्रयोग कर सकते हैं।

वह विचारक जिनकी मृत्यु हो चुकी है, हमें उनके साहित्य को अवश्य पढ़ना चाहिए क्योंकि व्यक्ति को तो ख़त्म हो जाता है परंतु विचार तथा साहित्य कभी भी ख़त्म नहीं होते। हर एक विचारक समाज में व्याप्त समस्याओं तथा उनके हल के बारे में ही लिखता है। हो सकता है कि वह समस्या आज भी व्याप्त हो। अगर हो तो उनके हल के बारे में हम उनके विचारकों की रचनाओं को पढ़कर ही जान सकते हैं।

shaalaa.com
दुर्खाइम की समाजशास्त्रीय दृष्टी
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 4: पाश्चात्य समाजशास्त्री-एक परिचय - अभ्यास [Page 89]

APPEARS IN

NCERT Sociology [Hindi] Class 11
Chapter 4 पाश्चात्य समाजशास्त्री-एक परिचय
अभ्यास | Q 12. | Page 89
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×