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Question
क्या आप ने अवऑक्सीयता (हाइपोक्सिया) (न्यून ऑक्सीजन) के बारे में सुना है? इस संबंध में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश करें व साथियों के बीच चर्चा करें।
Solution
हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें फेफड़ों में ऑक्सीजन की अपर्याप्त या कम आपूर्ति होती है। यह कई बाहरी कारकों के कारण होता है, जैसे कि pO2 में कमी, अपर्याप्त ऑक्सीजन, आदि। हाइपोक्सिया के विभिन्न प्रकारों पर नीचे चर्चा की गई है।
इस स्थिति का सम्बन्ध शरीर की कोशिकाओं/ऊतकों में ऑक्सीजन के आंशिक दबाव में कमी से होता है। यह ऑक्सीजन की कम आपूर्ति के कारण होता है। वायुमण्डल में पहाड़ों पर 8000 फुट से अधिक ऊँचाई पर वायु में O2 का दबाव कम हो जाता है। इससे सिरदर्द, वमन, चक्कर आना, मानसिक थकान, श्वास लेने में कठिनाई आदि लक्षण प्रदर्शित होते हैं। इसे कृत्रिम हाइपोक्सिया कहते हैं। यह बीमारी पर्वतारोहियों को होती है। शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी के कारण रक्त की ऑक्सीजन ग्रहण करने की क्षमता प्रभावित होती है। इसे एनीमिया हाइपोक्सिया कहते हैं।
- हाइपोक्सिमिक हाइपोक्सिया: इस स्थिति में, धमनी रक्त में ऑक्सीजन के कम आंशिक दबाव के परिणामस्वरूप रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा में कमी हो जाती है।
- एनीमिया हाइपोक्सिया: इस स्थिति में हीमोग्लोबिन की सांद्रता में कमी आ जाती है।
- स्थिर या इस्केमिक हाइपोक्सिया: इस स्थिति में रक्त संचार ख़राब होने के कारण रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा में कमी हो जाती है। यह तब होता है जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठंडे तापमान के संपर्क में रहता है।
- हिस्टोटॉक्सिक हाइपोक्सिया: इस स्थिति में ऊतक ऑक्सीजन का उपयोग करने में असमर्थ होते हैं। यह कार्बन मोनोऑक्साइड या साइनाइड विषाक्तता के दौरान होता है।