Advertisements
Advertisements
Question
क्या कभी ऐसा हो सकता है कि सूरज बिल्कुल ही न निकले?
अगर ऐसा हो तो ______________________________
__________________________________________
अपने साथियों के साथ बातचीत करके लिखो।
Solution
अगर ऐसा हो तो चारों तरफ अंधेरा छा जाएगा। ठंड बढ़ जाएगी। लोगों के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। जीवन की रफ्तार थम-सी जाएगी।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
“खिचड़ी में अइसन जाड़ा हम पहिले कब्बो ना देखनीं ।”
यहाँ ‘खिचड़ी’ से क्या मतलब निकाल रही हो? ।
बाहर देखने से समय का अंदा क्यों नहीं हो रहा था? जिनके पास घड़ी नहीं होती वे समय का अनुमान किस तरह से लगाते हैं?
“आज ई लोग के उठे के नईखे का?”
"जा भाग के देख केरा के पत्ता आइल की ना?"
विविधता हमारे देश की पहचान है। 'फ़सलों का त्योहार' हमारे देश के विविध रंग-रूपों का एक उदाहरण है। नीचे विविधता के कुछ और उदाहरण दिए गए हैं। पाँच-पाँच बच्चों का समूह एक-एक उदाहरण लें और उस पर जानकारी इकट्ठी करे। (जानकारी चित्र, फोटोग्राफ, कहानी, कविता, सूचनापरक सामग्री के रूप में हो सकती है।) हर समूह इस जानकारी को कक्षा में प्रस्तुत करे।
भाषा |
कपड़े |
नया वर्ष |
भोजन |
लोक कला |
लोक संगीत |
तुम्हें कौन-सा त्योहार सबसे अच्छा लगता है और क्यों? इस दिन तुम्हारी दिनचर्या क्या रहती है?
फ़सल के त्योहार पर ‘तिल’ का बहुत महत्व होता है। तिल का किन-किन रूपों में इस्तेमाल किया जाता है? पता करो।
तुम जानती हो कि तिल से तेल बनता है? और किन चीज़ों से तेल बनता है और कैसे? हो सके तो तेल की दुकान में जाकर पूछो।
किसान और खेती हममें से बहुत से लोगों की जानी-पहचानी दुनिया का हिस्सा नहीं है। विशेष रूप से शहर के ज्यादातर लोगों को यह अहसास नहीं है कि हमारी जिंदगी किस हद तक इनसे जुड़ी हुई है। देश के कई हिस्सों में आज किसानों को जिंदा रहने के लिए बहुत मेहनत और संघर्ष करना पड़ रहा है। अगर यह जानने की कोशिश | करें कि हम दिनभर जो चीजें खाते हैं वे कहाँ से आती हैं तो किसानों की हमारी जिंदगी में भूमिका को हम समझ पाएँगे। आलू की पकौड़ी, बर्फी और आइसक्रीम- इन तीन चीज़ों के बारे में नीचे दिए बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जानकारी इकट्ठी करो और ‘मेरी कहानी” के रूप में उसे लिखो।
- किन चीज़ों से बनती है?
- इन चीज़ों का जन्म कहाँ होता है?
- हम तक पहुँचने का उनका सफ़र क्या है?
- किन-किन हाथों से होकर हम तक पहुँचती है?
- इस पूरे सफर में किन लोगों की कितनी मेहनत लगती है?
- इन लोगों में से किसको कितना मुनाफा मिलता है?
अगले वर्ष कक्षा छह में सामाजिक एवं राजनैतिक जीवन के बारे में पढ़ोगी तो ऊपर लिखे सफर में शामिल लोगों की दिनचर्या पता करने का मौका भी मिलेगा।
‘गया’ शहर तिलकुट के लिए भी प्रसिद्ध है। हमारे देश में छोटी-बड़ी ऐसी कई जगहें हैं जो अपने खास पकवान के लिए मशहूर हैं। अपने परिवार के लोगों से पता करके उनके बारे में बताओ।
पिछले दो वर्षों में तुमने ‘काम वाले शब्दों के बारे में जाना।
इन शब्दों को क्रिया भी कहते हैं क्योंकि क्रिया का संबंध कोई काम करने से है। नीचे खिचड़ी बनाने की विधि दी गई है। इसमें बीच-बीच में कुछ क्रियाएँ छूट गई हैं। उचित क्रियाओं का प्रयोग करते हुए इसे पूरा करो।
छौंकना | पीसना | पकाना | धोना | परोसना | भूनना |
बंगाली 'खिचुरी' (५ व्यक्तियों के लिए ) | |
सामग्री | मात्रा |
अदरक | २० ग्राम |
लहसुन | ३ फाँकें |
इलायची के दाने | ३ छोटी |
दालचीनी | २ १/२ से.मी. का १ टुकड़ा |
पानी | ४ प्याले |
मूँग दाल | १/२ प्याला |
सरसों का तेल | 3 बड़े चम्मच |
तेज पत्ते | २ |
जीरा | १/२ छोटा चम्मच |
प्याज़ बारीक कटा हुआ | १ मँझोला |
चावल धुले हुए | १ प्याला |
फूल गोभी बड़े-बड़े टुकड़ो में कटी हुई | २00 ग्राम |
आलू छीलकर चार-चार टुकड़ो में कटे हुए | २ |
मटर के दाने | १/२ प्याला |
धनिया पिसा हुआ | १ बड़ा चम्मच |
लाल मिर्च पिसी हुई | १/२ छोटा चम्मच |
चीनी | १ छोटा चम्मच |
घी | २ बड़े चम्मच |
नमक और हल्दी | अंदाज से |
विधि-
इलायची, दालचीनी और लौंग में थोड़ा-थोड़ा पानी (एक छोटा चम्मच) डालते हुए ______ लो। अदरक और लहसुन को इकट्ठा पीसकर पेस्ट बनाओ। दाल को कड़ाही में डालो और मध्यम आँच पर सुनहरी भूरी होने तक ______ लो। अब चावल निकाल कर ______ लो। तेल को कुकर में डालकर गरम करो। तेल गरम हो जाने पर तेज पत्ते और जीरा डालो। जीरा जब चटकने लगे तो प्याज़ डालकर सुनहरा भूरा होने तक भूनो। अब अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर कुछ मिनट ______। भुनी हुई दाल, चावल और सब्ज़ी डालो और अच्छी तरह मिलाओ। शेष पानी (चार प्याले) डालकर एक बार चलाओ। कुकर बंद करो। तेज़ आँच पर पूर्ण प्रेशर आने दो। अब आँच कम करके चार मिनट तक ______। भाप निकल जाने पर कुकर खोलो, मसालों का पेस्ट मिलाओ। खिचुरी पर घी, हींग, जीरा, साबुत लाल मिर्च से ______ कर ______ गरमागरम।
छुटटी के दिन घर में ऐसी खिचड़ी बनाने में बड़ों की मदद करो।
खाने से जुड़ी कुछ अन्य क्रियाएँ भी सोचो।