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Question
लता मंगेशकर पर फीचर लेखन कीजिए ।
Solution
भारत रत्न लता मंगेशकर भारत की प्रतिमा गायिका हैं । उनकी मधुर आवाज की पूरी दुनिया दीवानी है। पिछले छह-सात दशकों से भारतीय सिनेमा को अपनी आवाज के जादू से सराबोर करने वाली लता का जन्म २८ सितंबर, १९२९ को इंदौर के मराठी परिवार में पंडित दीनदयाल के घर में हुआ। लता के पिता रंगमंच के कलाकार और गायक भी थे। अतः संगीत लता को विरासत में मिला। लता के जन्म के कुछ दिन बाद ही इनका परिवार महाराष्ट्र चला गया।
लता मंगेशकर ने अपनी संगीत यात्रा का प्रारंभ मराठी फिल्मों से किया। इन्होंने हिंदुस्तान क्लासिकल म्यूजिक' के उस्ताद अमानत अली खान से क्लासिकल संगीत सीखना शुरू किया। भारत बँटवारे के बाद उस्ताद अमानत अली खान के पाकिस्तान चले जाने के बाद लता ने बड़े गुलाम अली खान, पंडित तुलसीदास शर्मा तथा उस्ताद अमानत खान देवसल्ले से संगीत सीखा।
गुलाम हैदर ने १९४८ में लता को 'मजबूर' फिल्म में पहला ब्रेक दिया। तब से लेकर १९८९ तक लता मंगेशकर ने ३०००० से भी अधिक गाने गाए हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस दौर में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का शायद ही कोई ऐसा फिल्म निर्देशक और संगीत निर्देशक होगा, जिसके साथ लता जी ने काम न किया हो। लता मंगेशकर अत्यंत शांत स्वभाव और प्रतिभा की धनी हैं। उन्होंने रागों पर आधारित अनेक गाने गाए, तो दूसरी ओर अल्लाह तेरो नाम' और 'प्रभु तेरो नाम' जैसे भजन भी गाए, वहीं १९६३ में पंडित जवाहरलाल नेहरू की उपस्थिति में देश का सबसे जीवंत गीत ऐ मेरे वतन के लोगों गाया। इस गाने को सुनते समय नेहरू जी की आँखों से आँसू बह निकले थे।
लता मंगेशकर भारतीय संगीत में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पद्मभूषण, पद्मविभूषण, दादासाहेब फाल्के अवॉर्ड, महाराष्ट्र भूषण अवॉर्ड, भारत रत्न, ३ बार राष्ट्रीय फिल्म अवॉर्ड, बंगाल फिल्म पत्रकार संगठन अवॉर्ड, फिल्म फेअर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड सहित अनेक अवॉर्ड जीत चुकी हैं। आज पूरी संगीत दुनिया उनके आगे नतमस्तक है।
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रोचक प्रसंगों के साथ स्नेहा विद्यार्थियों को फीचर लेखन की विशेषताएँ बताने लगी, “अच्छा फीचर नवीनतम जानकारी से परिपूर्ण होता है। किसी घटना की सत्यता अथवा तथ्यंता फीचर का मुख्य तत्व है। फीचर लेखन में राष्ट्रीय स्तर के तथा अन्य महत्त्वपूर्ण विषयों का समावेश होना चाहिए क्योंकि समाचार पत्र दूर-दूर तक जाते हैं। इतना ही नहीं ; फीचर का विषय समसामयिक होना चाहिए। फीचर लेखन में भावप्रधानता होनी चाहिए क्योंकि नीरस फीचर कोई नहीं पढ़ना चाहता। फीचर के विषय से संबंधित तथ्यों का आधार दिया जाना चाहिए। '' स्नेहा आगे बोलती जा रही थी,' विश्वसनीयता के लिए फीचर में विषय की तार्किकता को देना आवश्यक होता है। तार्किकता के बिना फीचर अविश्वसनीय बन जाता है। फीचर में विषय की नवीनता का होना आवश्यक है क्योंकि उसके अभाव में 'फीचर अपठनीय बन जाता है। फीचर में किसी व्यक्ति अथवा घटना विशेष का उदाहरण दिया गया हो तो उसकी संक्षिप्त जानकारी भी देनी चाहिए।'' पाठक की मानसिक योग्यता और शैक्षिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर फीचर लेखन किया जाना चाहिए। उसे प्रभावी बनाने हेतु प्रसिद्ध व्यक्तियों के कथनों, उदाहरणों, लोकोक्तियों और मुहावरों का प्रयोग फीचर में चार चाँद लगा देता है। |
1. प्रश्न के उत्तर लिखिए। (2)
- फीचर का मुख्य तत्त्व लिखिए।
- फीचर लेखन में भाव प्रधानता क्यों होनी चाहिए?
- किस के बिना फीचर अविश्वसनीय बन जाता है?
- फीचर लेखन में किससे चार चाँद लगते है?
2. निम्नलिखित शब्दों के विरुद्धार्थी शब्द लिखिए। (2)
- नीरस × ______
- निष्पक्ष × ______
- विख्यात × ______
- क्लीष्ट × ______
3. निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर 40 से 50 शब्दों में लिखिए। (2)
लता मगेंशकर का फीचर लेखन कीजिए।
फीचर लेखक को ______ रूप से अपना मत व्यक्त करना चाहिए।
विषय का औचित्यपूर्ण ______ फीचर की आत्मा हैं।
______ को पत्रकारिता के क्षेत्र में फीचर लेखन के लिए दिए जाने वाले ‘सर्वश्रेष्ठ फीचर लेखन’ के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
फीचर लेखन में ______ होनी चाहिए।