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लेखक अपने जूते को अच्छा नहीं मानता वह अच्छा दिखता है, क्यों? - Hindi Course - A

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Question

लेखक अपने जूते को अच्छा नहीं मानता वह अच्छा दिखता है, क्यों?

Short Note

Solution

लेखक का जूता ऊपर से अच्छा दिखता है पर अँगूठे के नीचे तला फट गया है। उसका अँगूठा जमीन से रगड़ खाता है। और पैनी मिट्टी से रगड़कर लहूलुहान हो जाता है। ऐसे तो एक दिन पंजा ही छिल जाएगा इसलिए वह अपने जूते को अच्छा नहीं मानता है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
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Chapter 6: प्रेमचंद के फटे जूते - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 6 प्रेमचंद के फटे जूते
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

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