English

लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

लेखक ने उपभोक्ता संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती क्यों कहा है?

Short Note

Solution

गाँधी जी सामाजिक मर्यादाओं तथा नैतिकता के पक्षधर थे। वे सादा जीवन, उच्च विचार के कायल थे। वे चाहते थे कि समाज में आपसी प्रेम और संबंध बढ़े। लोग संयम और नैतिकता का आचरण करें। उपभोक्तावादी संस्कृति इस सबके विपरीत चलती है। वह भोग को बढ़ावा देती है और नैतिकता तथा मर्यादा को तिलांजलि देती है। गाँधी जी चाहते थे कि हम भारतीय अपनी बुनियाद पर कायम रहें, अर्थात् अपनी संस्कृति को न त्यागें। परंतु आज उपभोक्तावादी संस्कृति के नाम पर हम अपनी सांस्कृतिक पहचान को भी मिटाते जा रहे हैं। इसलिए उन्होंने उपभोक्तावादी संस्कृति को हमारे समाज के लिए चुनौती कहा है।

shaalaa.com
गद्य (Prose) (Class 9 A)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 3: उपभोक्तावाद की संस्कृति - प्रश्न अभ्यास [Page 38]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 3 उपभोक्तावाद की संस्कृति
प्रश्न अभ्यास | Q 3 | Page 38

RELATED QUESTIONS

लेखक ने दिल दहला देने वाला समाचार किसे कहा है और क्यों?


लेखक को अंग्रेज़ी में कविता लिखने का अफसोस क्यों रहा होगा?


हीरा-मोती स्वभाव से विद्रोही तो हैं पर उनके मन में दयाभाव भी है। इसका प्रमाण हमें कब और कहाँ मिलता है? ‘दो बैलों की कथा’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


‘सांस्कृतिक अस्मिता’ क्या है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ का इस पर क्या असर पड़ा है?


विज्ञापन हमारे जीवन को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है?
अथवा
विज्ञापनों की अधिकता का हमारे जीवन शैली पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? ‘उपभोक्तावाद की संस्कृति’ पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


आउटरम कौन था? वह सेनापति ‘हे’ पर क्यों बिगड़ उठा?


‘मगर यह कितनी बड़ी ट्रेजडी है’, लेखिका ने ऐसा किस संदर्भ में कहा है?


‘प्रेमचंद के फटे जूते’ पाठ के आधार पर प्रेमचंद की वेशभूषा एवं उनकी स्वाभाविक विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।


महादेवी के परिवार में कौन-कौन सी भाषाएँ बोली जाती थीं? महादेवी पर किस भाषा का असर हुआ?


जवारा के नवाब की बेगम ने सांप्रदायिक सौहार्द फैलाने की दिशा में अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया, कैसे? मेरे बचपन के दिन पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×