English

लेखिका को अपने वजूद का अहसास कब हुआ?अथवाघर में लेखिका के व्यक्तित्व को सकारात्मक विकास कब से शुरू हुआ? - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

लेखिका को अपने वजूद का अहसास कब हुआ?
अथवा
घर में लेखिका के व्यक्तित्व को सकारात्मक विकास कब से शुरू हुआ?

Short Note

Solution

अपने ही घर में लेखिका के व्यक्तित्व का सकारात्मक विकास उस समय शुरू हुआ जब उसकी बड़ी बहनों का विवाह हो गया और उसके भाई घर से बाहर अर्थात् कोलकाता पढ़ाई करने चले गए। अब पिता जी ने उसके व्यक्तित्व पर ध्यान देना शुरू किया। वे उसे रसोई में न भेजकर उन बैठकों में उठने-बैठने के लिए प्रोत्साहित करते जहाँ राजनीतिक गतिविधियों पर चर्चाएँ होती थीं।

shaalaa.com
एक कहानी यह भी
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 14: मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 14 मन्नू भंडारी - एक कहानी यह भी
अतिरिक्त प्रश्न | Q 5

RELATED QUESTIONS

लेखिका के व्यक्तित्व पर किन-किन व्यक्तियों का किस रूप में प्रभाव पड़ा?


वह कौन-सी घटना थी जिसके बारे में सुनने पर लेखिका को न अपनी आँखों पर विश्वास हो पाया और न अपने कानों पर?


लेखिका की अपने पिता से वैचारिक टकराहट को अपने शब्दों में लिखिए।


मनुष्य के जीवन में आस-पड़ोस का बहुत महत्व होता है। परंतु महानगरों में रहने वाले लोग प्राय: 'पड़ोस कल्चर' से वंचित रह जाते हैं। इस बारे में अपने विचार लिखिए।


लेखिका द्वारा पढ़े गए उपन्यासों की सूची बनाइए और उन उपन्यासों को अपने पुस्तकालय में खोजिए।


आप भी अपने दैनिक अनुभवों को डायरी में लिखिए।


इंदौर में लेखिका के पिता खुशहाली के दिन जी रहे थे। लेखिका के पिता के खुशहाली भरे दिनों को स्पष्ट कीजिए।


लेखिका के पिता का स्वभाव शक्की क्यों हो गया था? इस शक का परिवार पर क्या असर पड़ रहा था?


लेखिका अपने भीतर अपने पिता को किन-किन रूपों में पाती है?


लेखिका अपने ही घर में हीनभावना का शिकार क्यों हो गई?


लेखिका का अपने पिता के साथ टकराव क्यों चलता रहा? यह टकराव कब तक चलता रहा?


देश की राजनैतिक गतिविधियों में युवा वर्ग अपना योगदान किस तरह दे रहा था?


वर्ष 1947 में लेखिका को कौन-कौन सी खुशियाँ मिलीं? उसे कौन-सी खुशी सबसे महत्त्वपूर्ण लगी और क्यों?


‘एक कहानी यह भी’ पाठ का प्रतिपाद्य लिखिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×