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Question
लिखिए :
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Solution
लेखिका ऐसे साहित्य को साहित्य नहीं मानती :
- जो रचना जनसाधारण को ऊँचा नहीं उठाती
- जो रचना पाठकों को सोचने-समझने के लिए विवश नहीं करती |
shaalaa.com
बातचीत
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संजाल पूर्ण कीजिए :
एक-दो शब्दों में उत्तर लिखिए :
शिवानी की माता जी इन भाषाओं की विदुषी थीं - ______
कारण लिखिए :
शिवानी जी को पाठकों से प्रशंसा प्राप्त हुई है ______
पढ़ो और बोलो
सहेली | विद्यालय | बुद्धि का खेल | कभी-कभी | सीखना | व्यायाम |
सुबह | भागना | चाचा जी | अंत्याक्षरी | दिन में | याद करना |
मामा जी | चैतरै | शाम को दौड़ना | अध्यापिका | प्रधान डाकघर |
पढ़ो और समझो
पुल्लिंग | स्त्रीलिंग | |
मैं | पढ़ता हूँ। गाता हूँ। |
पढ़ती हूँ। गाती हूँ। |
तुम | खेलते हो। खाते हो। |
खेलती हो। खाती हो। |
हम | सीखते हैं। | सीखती हो। |
आप | सुनते हैं। | सुनती हो। |
कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो। पुल्लिंग:
हम विद्यालय ______ (जाना)
कोष्ठक में दी हुई क्रिया की सहायता से रिक्त स्थान की पूर्ति करो स्त्रीलिंग:
मैं गाना ______ (सीख)
नमूने के अनुसार वाक्य बदलो।
नमूना: मैं शरबत पीता हूँ।
मैं चाय नहीं पीता।
माताजी जी रोज़ दूध पीती हैं। (चाय)
मैं शाम को ______ क्रिकेट खेलता हूँ।
अंत्याक्षरी खेलना क्यों चाहता है?