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लिखिए : निम्नलिखित हाइकु द्‌वारा मिलने वाला संदेश करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। भीतरी कुंठा नयनों के द्‌वार से आई बाहर। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

लिखिए :

निम्नलिखित हाइकु द्‌वारा मिलने वाला संदेश
करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा। भीतरी कुंठा नयनों के द्‌वार से आई बाहर।
______ ______
Short Note

Solution

करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा ।

भीतरी कुंठा नयनों के द्वार से आई बाहर। 

हमें पूरा जीवन काम करते रहना चाहिए। यह नहीं सोचते रहना चाहिए कि हमें क्या प्राप्त होगा।

जब नेत्रों से अश्रु बहते हैं तो यह मानना चाहिए कि मन की कुंठा नयन रूपी द्वार से बाहर आ रही है।

shaalaa.com
मन
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Chapter 1.04: मन (पूरक पठन) - स्‍वाध्याय [Page 17]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Lokbharati 10 Standard SSC Maharashtra State Board
Chapter 1.04 मन (पूरक पठन)
स्‍वाध्याय | Q (१) | Page 17

RELATED QUESTIONS

कृति पूर्ण कीजिए :


उत्‍तर लिखिए :

मँझधार में डोले |


उत्‍तर लिखिए :

छिपे हुए |


उत्‍तर लिखिए :

धुल गए |


उत्‍तर लिखिए :

अमर हुए।


निम्‍नलिखित काव्य पंक्‍तियों का केंद्रीय भाव स्‍पष्‍ट कीजिए :

चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।


निम्‍नलिखित काव्य पंक्‍तियों का केंद्रीय भाव स्‍पष्‍ट कीजिए:

काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।


उचित जोड़ियाँ मिलाइए :

 
मछली ______ मौन
गीतों के स्‍वर ______ सूना
रेल की पटरयिाँ ______ प्यासी
आकाश ______ अमर
    पीड़ा

परिणाम लिखिए :

सितारों का छिपना - ______


परिणाम लिखिए :

तुम्‍हारा गीतों को स्‍वर देना - ______


सरल अर्थ लिखिए :

मन की ______ बरसीं आँखें।


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

घना अँधेरा
चमकता प्रकाश
और अधिक।

करते जाओ
पाने की मत सोचो
जीवन सारा।

जीवन नैया
मँझधार में डोले
सँभाले कौन?

रंग-बिरंगे
रंग-संग लेकर
आया फागुन।

(1) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्न शब्द हों: (2)

  1. जीवन नैया -
  2. फागुन -

(2) ‘जीवन एक संघर्ष है’ इस पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

सितारे छिपे
बादलों की ओट में
सूना आकाश।

तुमने दिए
जिन गीतों को स्‍वर
हुए अमर।

सागर में भी
रहकर मछली
प्यासी ही रही।

(1) तालिका पूर्ण कीजिए: (2)

  स्थिति निवास स्थान
मछली ______ ______
सितारे ______ ______

(2) ‘रात में सितारे आकाश की शोभा बढ़ाते हैं’ अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए -

करते जाओ
पाने की मत सोचो
जीवन सारा।

जीवन नैया
मैंझधार में डोले,
सँभाले कौन ?

रंग-बिरंगे
रंग-संग लेकर
आया फागुन।

काँटों के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेरणा।

(1) सूचनानुसार लिखिए-   (2)

  1. ऐसी पंक्ति जिसमें शिक्षा है - ______
  2. ऐसी पंक्ति जिसमें प्रेरणा है - ______

(2) कर्म ही जीवन है, अपने विचार 25 - 30 शब्दों में लिखिए।   (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए।

मन की पीड़ा
छाई बन बादल
बरसीं आँखें।

चलतीं साथ
पटरियाँ रेल की
फिर भी मौन।

सितारे छिपे
बादलों की ओट में
सूना आकाश।

(1) उत्तर लिखिए: (2)

  1. मौन बनी - ______
  2. छिपे हुए - ______
  3. बरसीं हुईं - ______
  4. सूना - ______

(2) ‘मन के जीते जीत है’ विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए। (2)


निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

काँटो के बीच
खिलखिलाता फूल
देता प्रेणा।

भीतरी कुंठा
आँखों के द्‌वार से
आई बाहर।

खारे जल से
धुल गए विषाद
मन पावन ।

  1. उचित जोड़ियाँ मिलाइए :         [2]
      'अ' 'आ'
    (i) खिलखिलाता फूल विषाद
    (ii) भीतरी जल
    (iii) खारा प्रेरणा
    (iv) पावन कुंठा
        मन
  2. काँटों के बीच खिलनेवाला फूल प्रेरणा देता है' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।         [2]

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