Advertisements
Advertisements
Question
मानव संस्कृत एक अविभाज्य वस्तु है। किन्हीं दो प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जब -
जब मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण दिया।
Solution
मानव संस्कृति ने अपने एक होने का प्रमाण भी दिया है -
- संसार के मज़दुरों को सुखी देखने के लिए कार्ल मार्क्स ने अपना सारा जीवन दुख में बिता दिया।
- सिद्धार्थ ने अपना घर केवल मानव कल्याण के लिए छोड़ दिया।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
लेखक की दृष्टि में 'सभ्यता' और 'संस्कृति' की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?
वास्तविक अर्थों मे 'संस्कृत व्यक्ति' किसे कहा जा सकता है?
न्यूटन को संस्कृत मानव कहने के पीछे कौन से तर्क दिए गए हैं? न्यूटन द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतो एवं ज्ञान की कई दूसरी बारीकियों को जानने वाले लोग भी न्यूटन की तरह संस्कृत नहीं कहला सकते, क्यों?
किन महत्वपूर्ण आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुई-धागे का आविष्कार हुआ होगा?
आशय स्पष्ट कीजिए -
(क) मानव की जो योग्यता उससे आत्म-विनाश के साधनों का आविष्कार कराती है, हम उसे उसकी संस्कृति कहें या असंस्कृति?
लेखक ने अपने दृष्टिकोण से सभ्यता और संस्कृति की एक परिभाषा दी है। आप सभ्यता और संस्कृति के बारे में क्या सोचते हैं, लिखिए।
संस्कृति और सभ्यता क्या हैं?
एक संस्कृत मानव और सभ्य मानव में क्या अंतर है?
संस्कृत व्यक्तियों के लिए भौतिक प्रेरणा का क्या महत्त्व है, उदाहरण द्वारा स्पष्ट कीजिए?
सिद्धार्थ ने मानव संस्कृति में किस तरह योगदान दिया?
संस्कृति का कूड़ा-करकट’ किसे कहा गया है?
काशी को संस्कृति की पाठशाला इसलिए कहा गया है क्योंकि ______
भदंत आनंद कौसल्यायन के अनुसार 'संस्कृति' से क्या अभिप्राय है?
गद्य पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 25-30 शब्दों में लिखिए -
'संस्कृति' पाठ के लेखक किस तरकों के आधार पर न्यूटन को 'संस्कृत मानव' कहते हैं? क्या आप भी उनसे सहमत हैं?