Advertisements
Advertisements
Question
‘मैं यहाँ स्वच्छंद हूँ’-कवि ने ऐसा क्यों कहा है? ‘चंद्र गहना से लौटती बेर’ पाठ के आधार पर लिखिए।
Solution
‘मैं यहाँ स्वच्छंद हूँ’-कवि ने ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि इस समय उसके पास कोई आवश्यक काम नहीं है। इसके अलावा उसे आवश्यक कार्यवश कहीं आना-जाना भी नहीं है। वह प्राकृतिक सौंदर्य को देखने और उनका आनंद उठाने के लिए स्वतंत्र है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
कवि ने सच्चे प्रेमी की क्या कसौटी बताई है?
सुविधा और मनोरंजन के उपकरणों से बच्चे वंचित क्यों हैं?
आपने अपने शहर में बच्चों को कब-कब और कहाँ-कहाँ काम करते हुए देखा है?
कवि ने किसकी वेदना को बोझ के समान बताया है और क्यों?
तितलियों के उड़ने से वातावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है? इस दृश्य को देखकर कवि अनूठी कल्पना कर रहा है?
'इस विजन में ......... अधिक है'- पंक्तियों में नगरीय संस्कृति के प्रति कवि का क्या आक्रोश है और क्यों?
‘बाँध टूटा झर-झर मिलन के अश्रु ढरके’ के आधार पर बताइए कि ऐसा कब हुआ और क्यों?
ताल किसका प्रतीक है? वह परात में पानी भरकर लाते हुए किस भारतीय परंपरा का निर्वाह कर रहा है?
दक्षिण दिशा का प्रतीकार्थ क्या है? यह दिशा जनसाधारण के लिए शुभ क्यों नहीं होती है?
‘सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं’ ऐसा कहकर कवि ने किस ओर संकेत किया है?