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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

मैंने समझा बेटी युग कविता से - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

मैंने समझा बेटी युग कविता से 

Short Answer

Solution

आज के आधुनिक युग में भी अधिकतर परिवारों में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव किया जाता है। यह सत्य है कि संसार केवल पुरुषों से ही नहीं बना है। सृष्टि के हर पड़ाव पर स्त्रियों ने भी माँ, बेटी, बहन, चाची, मौसी, मामी, दादी, नानी आदि के रूप में अपना निरंतर योगदान दिया है। इस कविता के माध्यम से कवि बेटियों को उनकी शिक्षा, उनके महत्त्व, उनकी आत्मनिर्भरता और प्रगति के बारे में आश्वस्त करते हुए उनके लिए समान अधिकारों की माँग का आवाहन करता है।

shaalaa.com
उपयोजित / रचनात्मक लेखन (लेखन कौशल)
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Chapter 2.02: बेटी युग - मैंने समझा [Page 29]

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Balbharati Hindi - Sulabhbharati 7 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.02 बेटी युग
मैंने समझा | Q (१) | Page 29
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