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मैंने समझा गुनगुनाते रहो कविता से - English (Second/Third Language)

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Question

मैंने समझा गुनगुनाते रहो कविता से 

Very Short Answer

Solution

मैंने सीखा कि जीवन में कठिनाइयों का सामना करते हुए भी हमें हमेशा सकारात्मक बने रहना चाहिए। दीपक की तरह अंधेरे में रोशनी फैलानी चाहिए और हर परिस्थिति में आशा बनाए रखनी चाहिए।

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Chapter 1.2: गुनगुनाते रहो - स्वाध्याय [Page 5]

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Balbharati Integrated 7 Standard Part 1 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 1.2 गुनगुनाते रहो
स्वाध्याय | Q ४. | Page 5
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