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Question
मैंने समझा जहाँ चाह, वहाँ राह पाठ से
Short Answer
Solution
इस पाठ से मैंने सामूहिक प्रयास, समस्या समाधान और एकता की शक्ति के महत्व को सीखा। गाँव के बच्चे और लोग नाले की समस्या से जूझ रहे थे, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। हालाँकि, उन्होंने हार नहीं मानी और मिलकर इसका समाधान खोजा।
यह भी सीखने को मिला कि "जहाँ चाह, वहाँ राह"। अगर हम किसी समस्या को हल करने का संकल्प लें, तो सहयोग और दृढ़ निश्चय से हर कठिनाई को दूर किया जा सकता है।
इस कहानी ने यह संदेश दिया कि हमें रचनात्मक सोच और टीम वर्क के साथ समाज की भलाई के लिए काम करना चाहिए। एक छोटे-से गाँव के बच्चों ने पहल की, और पूरा गाँव उनके साथ जुड़कर पुल निर्माण में सहयोगी बना। यह दिखाता है कि सामूहिक श्रम से असंभव कार्य भी संभव बनाए जा सकते हैं।
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