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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

मौसम के अनुसार होने वाले परिवर्तन पर चर्चा करें। - Hindi (Second/Third Language) [हिंदी (दूसरी/तीसरी भाषा)]

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Question

मौसम के अनुसार होने वाले परिवर्तन पर चर्चा करें।

Long Answer

Solution

  1. वसंत ऋतु के आगमन पर परिवर्तन: वसंत ऋतु के आगमन के साथ प्रकृति एक नए रूप में खिल उठती है। पेड़-पौधों पर नई कोपलें निकलती हैं, रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं, और मौसम सुहावना हो जाता है। हवा में मधुर सुगंध फैल जाती है, और पक्षियों की चहचहाहट वातावरण को संगीतमय बना देती है।
  2. तापमान और मौसम: सर्दी की ठिठुरन कम होने लगती है, और हल्की गर्माहट महसूस होती है। दिन मध्यम गर्म और रातें ठंडी होती हैं। वातावरण न अधिक ठंडा और न अधिक गर्म होता है, जिससे यह मौसम सबसे सुखद माना जाता है।
  3. वनस्पतियों में परिवर्तन: सूखे पेड़ों में फिर से हरियाली लौट आती है। सरसों के पीले फूल खिलते हैं, आम के बौर लगने लगते हैं, और अन्य वृक्षों पर नई पत्तियाँ उगती हैं। यह समय फसलों के पकने और खेतों में हरियाली छाने का होता है।
  4. जीव-जंतुओं पर प्रभाव: भंवरे गुंजार करने लगते हैं, तितलियाँ फूलों पर मंडराने लगती हैं, और कोयल की मधुर आवाज गूँजने लगती है। पशु-पक्षी अधिक सक्रिय हो जाते हैं और प्रजनन की प्रक्रिया शुरू करते हैं।
  5. सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव: वसंत पंचमी, होली जैसे उत्सव इसी ऋतु में मनाए जाते हैं। लोग रंगों के साथ इस मौसम का आनंद लेते हैं, संगीत और नृत्य का आयोजन होता है, और मन प्रसन्नचित्त रहता है।

इस प्रकार, वसंत ऋतु के आगमन से प्रकृति, वातावरण, वनस्पति, जीव-जंतु और समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं, जो जीवन को उल्लास से भर देते हैं।

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Chapter 3.1: बसंत गीत - अंतःपाठ प्रश्न [Page 54]

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Balbharati Integrated 7 Standard Part 4 [Marathi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 3.1 बसंत गीत
अंतःपाठ प्रश्न | Q २. | Page 54
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