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Maharashtra State BoardSSC (English Medium) 7th Standard

महारानी ताराबाई का चरित्र प्राप्त करो और उनके जीवन के उन प्रसंगों को कक्षा में अभिनय सहित प्रस्तुत करो; जो प्रसंग तुम्हें प्रभावित करते हैं। - Marathi (Second Language) [मराठी (द्वितीय भाषा)]

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Question

महारानी ताराबाई का चरित्र प्राप्त करो और उनके जीवन के उन प्रसंगों को कक्षा में अभिनय सहित प्रस्तुत करो; जो प्रसंग तुम्हें प्रभावित करते हैं।

Activity

Solution

महारानी ताराबाई का चरित्र एवं प्रेरणादायक प्रसंग

महारानी ताराबाई का चरित्र:-

महारानी ताराबाई एक वीर, बुद्धिमान और कुशल रणनीतिकार थीं। वे छत्रपति शिवाजी महाराज के पुत्र राजाराम की पत्नी थीं। 1700 ई. में राजाराम की मृत्यु के बाद, उन्होंने अपने पुत्र शिवाजी द्वितीय की ओर से मराठा साम्राज्य की बागडोर संभाली और मुगलों के खिलाफ संघर्ष किया। उनकी नेतृत्व क्षमता और साहस ने मराठों को मजबूती दी।

प्रस्तुत किए जाने योग्य प्रसंग:-

  1. मुगलों के खिलाफ संघर्ष: ताराबाई ने मराठा सेना का नेतृत्व किया और औरंगजेब की विशाल सेना को चुनौती दी।
    अभिनय: ताराबाई सैनिकों को प्रेरित करते हुए: "स्वराज्य की रक्षा के लिए हम अंत तक लड़ेंगे!"

  2. मराठा साम्राज्य का नेतृत्व: पति की मृत्यु के बाद उन्होंने राज्य को संगठित किया।
    अभिनय: दरबार में मंत्रियों से कहती हैं: "मैं सिर्फ रानी नहीं, स्वराज्य की रखवाली करने वाली वीरांगना भी हूं!"

  3. मराठा सेना को प्रेरित करना: युद्ध के समय उन्होंने सैनिकों का उत्साह बढ़ाया।
    अभिनय: तलवार उठाकर सैनिकों से: "हम मराठा हैं, झुकना हमारी प्रकृति में नहीं!"

महारानी ताराबाई का जीवन साहस और नेतृत्व की मिसाल है। उनका संघर्ष हमें आत्मविश्वास और स्वराज्य की रक्षा के लिए समर्पण की सीख देता है।

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Chapter 6.1: मराठी सत्ता का विस्तार - उपक्रम [Page 115]

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Balbharati Integrated 7 Standard Part 4 [Hindi Medium] Maharashtra State Board
Chapter 6.1 मराठी सत्ता का विस्तार
उपक्रम | Q १. | Page 115
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