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‘मन, वाणी, व्यवहारों में संयम ये मानवता के सोपान हैं’ इसपर अपने विचार व्यक्‍त कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

‘मन, वाणी, व्यवहारों में संयम ये मानवता के सोपान हैं’ इसपर अपने विचार व्यक्‍त कीजिए।

Answer in Brief

Solution

व्यक्ति के विचारों पर नियंत्रण होना चाहिए। मन एक घोड़े की तरह है, जो इंसान को पल भर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचा सकता है। यदि मन को खुली छूट दे दी जाए, तो व्यक्ति के पतन में देर नहीं लगती। परिणामस्वरूप व्यक्ति को मानसिक नियंत्रण बनाए रखना चाहिए।

मीठे शब्द वशीकरण मंत्र के समान होते हैं। परिणामस्वरूप, दूसरे व्यक्ति को आसानी से प्रबंधित किया जाता है। जो शब्द कठोर होते हैं, वे तीर के समान होते हैं। तलवार से हुई क्षति को ठीक किया जा सकता है, लेकिन शब्दों से बने घाव को ठीक नहीं किया जा सकता। मनुष्य को चाहिए कि वह नाप-तोल कर बोले।

व्यक्ति को अपने कार्यों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। यदि कोई व्यक्ति मर्यादाहीन आचरण करता है तो वह समाज में निंदा का पात्र बनता है। इसलिए हमें सोच-विचारकर व्यवहार करना चाहिए।

यदि हम अपने मन, वाणी और व्यवहार को नियंत्रित कर सकें, हम एक मानव बन सकेंगे।

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क्रोध
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Chapter 2.1: क्रोध (पूरक पठन) - स्वाध्याय [Page 99]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.1 क्रोध (पूरक पठन)
स्वाध्याय | Q ३ | Page 99
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