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मनीष एवं गिरीश के साझेदारी समझौते में यह प्रावधान है कि : (i) लाभ का विभाजन बराबर होगा; (ii) मनीष को प्रतिमाह 400 रू. का वेतन अनुमत होगा; - Accountancy (लेखाशास्त्र)

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Question

मनीष एवं गिरीश के साझेदारी समझौते में यह प्रावधान है कि :

  1. लाभ का विभाजन बराबर होगा;
  2. मनीष को प्रतिमाह 400 रू. का वेतन अनुमत होगा;
  3. गिरीश, जो कि बिक्री विभाग का प्रबंध करता है उसे महेश के वेतन को अनुमत करने के बाद कमीशन के रूप में, निवल लाभ से 10% प्र. व कमीशन के रूप में प्राप्त होंगे।
  4. साझेदारों की स्थिर पूँजी पर 7% प्र. व की दर से ब्याज देय होगा।
  5. साझेदारों के वर्ष भर के आहरणों पर 5% की दर से व्याख्या प्रभारित होगी;
  6. मनीष एवं गिरीश की स्थिर पूँजी क्रमश: 1,00,000 रू. तथा 80,000 रु. हैं। उनकी वार्षिक आहरित राशि क्रमशः 16,000 रू. एवं 14,000 रू. है। 31 मार्च, 2019 को वर्ष की समाप्ति पर लाभ की राशि 40,000 रू. है।
    फर्म के लिए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।
Ledger

Solution

नाम

लाभ और हानि विनियोग खाता

जमा

विवरण

  राशि (रु.)

विवरण

  राशि (रु.)

साझेदार का वेतन

   

लाभ और हानि

  40,000
मनीष   4,800

आहरण पर ब्याज

   
साझेदार का कमीशन     मनीष (16,000 × 5%) 800 1,500
गिरीश
{(40,000 - 4,800) × (10/100)}
  3,520 गिरीश (14,000 × 5%) 700

पूँजी पर ब्याज

         
मनीष (1,00,000 × 7%) 7,000 12,600      
गिरीश (80,000 × 7%) 5,600      

लाभ को हस्तांतरित
किया गया (1 : 1)

         

मनीष का चालू खाता

10,290 20,580      
गिरीश का चालू खाता 10,290      
    41,500     41,500
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साझेदारों के बीच लाभ का विभाजन
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Chapter 2: साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ - अभ्यास के लिए प्रश्न [Page 105]

APPEARS IN

NCERT Accountancy - Not-for-Profit Organisation and Partnership Accounts [Hindi] Class 12
Chapter 2 साझेदारी लेखांकन - आधारभूत अवधारणाएँ
अभ्यास के लिए प्रश्न | Q 7. | Page 105

RELATED QUESTIONS

लाभ और हानि समायोजन खाता क्यों तैयार किया जाता है? वर्णन करें।


प्रत्येक तिमाही के पहले दिन यदि एक स्थिर राशि का आहरण होता है, जिसके लिए आहरणों पर ब्याज के परिकलन हेतु क्या अवधि मानी जाएगी?


वर्णन करें की विभिन्न स्थितियों में किए गए आहरणों पर ब्याज कैसे परिकलित किया जाता है।


हर्षद एवं धीमान 01 अप्रैल, 2019 से साझेदार हैं। इनके बीच कोई साझेदारी समझौता हस्ताक्षरित नहीं किया है। दोनों ने क्रमशः 4,00,000 रू. तथा 1,00,000 रू. पूँजी के रूप में लगाएँ हैं। इसके साथ ही हर्षद ने 01 अक्तूबर, 2019 को, 100,000 रू. अग्रिम राशि लगाई है। अस्वस्थ होने के कारण हर्षद 01 अगस्त से 30 सितंबर, 2016 तक व्यवसाय में भाग नहीं ले सका। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 में फर्म को 1,80,000 रू. का लाभ प्राप्त हुआ। लेकिन निम्न बातों के लिए हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद पैदा हो गया।

हर्षद का दावा है:

  1. उसे अपनी पूँजी एवं दिए गए ऋण पर 10% प्रति वर्ष की दर से ब्याज मिलना चाहिए ।
  2. लाभ को पूँजी के अनुपात में वितरित किया जाना चाहिए।

धीमान का दावा है :

  1. लाभ का वितरण एक समान होना चाहिए;
  2. हर्षद की अनुपस्थिति में व्यवसाय अकेले चलाने के लिए उस अरधधि का पारिश्रमिक 2,000 रु. प्रतिमाह की दर से मिलना चाहिए;
  3. पूँजी एवं ऋण पर 6% प्रतिवर्ष की दर ब्याज अनुमत किया जाना चाहिए।
    आप से यह अपेक्षा की जाती है कि हर्षद एवं धीमान के बीच विवाद हल करें। इसके साथ ही लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।

लोकेश एवं आज़ाद 3 : 2 के अनुपात से लाभ के आधार पर साझेदारी करते हैं जिसमें उन्होंने क्रमशः 50,000 रू. तथा 30,000 रू. लगाए हैं। पूँजी पर 6% की वार्षिक दर से ब्याज प्रभारित करना तय है तथा आज़ाद को वेतन के रूप में 25,000 रू. प्रतिवर्ष देय अनुमत है। वर्ष 2013 के दौरान आज़ाद का वेतन निकालने के बाद लाभ की राशि 12,550 रू. बनती है। इसमें लाभ की राशि का 5% भाग कमीशन के रूप में मैनेजर को देय है। लाभ के विभाजन को दर्शाने वाला खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें।


राम, राजू एवं जॉर्ज एक फर्म में 5 : 3 : 2 के अनुपात में लाभ विभाजन पर साझेदार हैं। साझेदारी विलेख' के अनुसार जॉर्ज को प्रतिवर्ष 10,000 रु. लाभ के भाग के रूप में प्राप्त होंगे। वर्ष 2019 में निवल लाभ की राशि 40,000 रू. है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें।


सिम्मी एवं सोनू एक फर्म में साझेदार हैं जो लाभ एवं हानि का विभाजन 3: 1 के अनुपात में करते हैं। 31 मार्च, 2016 को वर्ष की समाप्ति पर निवल लाभ 50,000 रु. है। निम्नलिखित सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता और पूँजी खाते तैयार करें:

  1. 01 अप्रैल, 2019 को साझेदारों की पूँजी; सिम्मी 30,000 रू.; सोनू 60,000 रू.;
  2. 01 अप्रैल, 2015 को चालू खाते का शेष; सिम्मी 30,000 रू. (जमा); सोनू 1,50,000 रू. (जमा);
  3. वर्ष के दौरान साझेदारों की आहरण राशि; सिम्मी 20,000 रू.; सोनू 15,000 रू.;
  4. पूँजी पर अनुमत ब्याज दर 5% प्रतिवर्ष;
  5. आहरणों पर प्रभारित ब्याज दर 6% प्रतिवर्ष; एक औसत के अनुसार 6 माह की अवधि;
  6. साझेदारों का वेतन : सिम्मी 12,000 रू. तथा सोनू 9,000 रू.। इसके साथ ही साझेदारों का चालू खाता दर्शाएँ।

अरविंद और आनन्द साझेदार हैं और 8: 3: 1 के अनुपात में लाभ व हानि को बांटते हैं। अप्रैल 01, 2019 को उनके पूँजी खाते इस प्रकार धे : अरविन्द 4,40,000 रू. और आनन्द 2,60,000 रू.। साझेदार संलेख के अनुबंध के अनुसार साझेदारों को 5%  प्र. व. पूँजी पर ब्याज और आहरण पर 6% प्र.व. ब्याज मान्य है। इसके अतिरिक्त अरविन्द को 35,000 रू. का वेतन भी दिया जाएगा।साझेदारों के आहरण इस प्रकार हैं : अरविन्द 40,000 रू. और आनन्द 28,000 रू.। 31 मार्च, 2020 को फर्म की हानि 32,400 रु. थी। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार करें।


रमेश और सुरेश एक फर्म में साझेदार हैं तथा उनके लाभ विभाजन अनुपात उनकी पूँजी के अनुसार है जो कि व्यवसाय के प्रारंभ में क्रमशः 80,000 रू. तथा 60,000 रू. लगाई गई थी। फर्म ने 01 अप्रैल, 2015 से व्यवसाय शुरू किया। साझेदारी समझौते के अनुसार पूँजी और आहरणों पर क्रमशः 12% और 10% प्रतिवर्ष ब्याज की दर अनुमत है। रमेश और सुरेश क्रमशः 2,000 रू. तथा 3,000 रु. प्रतिमाह को वेतन के रूप में प्राप्त करते हैं। वर्ष की समाप्ति पर 31 मार्च, 2016 को उपर्युक्त समायोजनों के करने से पूर्व लाभ 1,00,300 रु. था और रमेश तथा सुरेश के आहरण क्रमशः 40,000 रू. तथा 50,000 रू. थे। आहरणों की राशि पर ब्याज रमेश के लिए 2,000 रू. तथा सुरेश के लिए 2,500 रू. बनते हैं। इनकी पूँजी को अस्थिर मानते हुए लाभ एवं हानि विनियोग खाता तथा साझेदारों का पूँजी खाता तैयार करें। 


अभय, सिद्धार्थ व कुसुम एक फर्म में साझेदार हैं और उनका लाभ विभाजन अनुपात 5:3:2 का है। कुसम को लाभ शेयर के रूप में 10,000 रू. की गारंटी दी गई है। यदि कोई कमी आई तो इसे सिद्धार्थ के खाते से पूरा किया जाएगा। 31 मार्च, 2016-17 वर्ष के अंत में लाभ क्रमश : 40,000 रू. तथा 60,000 रू. था। लाभ व हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।


क, ख एवं ग एक फॉर्म की साझेदारी में लाभ विभाजन क्रमश: 3 : 2 : 1 के अनुपात में करते हैं। हालाँकि ग के भाग के लिए क एवं ख ने न्यूनतम ₹ 8,000 रु. की स्थिर गारंटी दी हुई है। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2020 को लाभ ₹ 36,000 रु. होता है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार करें जिसमें प्रत्येक साझीदार के लिए अंतिम प्राप्त राशि का संकेत हो।


अशोक, बृजेश एवं शीना, एक फर्म में 2: 2: 1 के अनुपात में लाभ व हानि का विभाजन करते हुए साझेदार हैं। अशोक एवं बृजेश यह गारंटी देते हैं कि शीना को किसी भी वर्ष 20,000 रु. से कम लाभ नहीं दिया जाएगा। वर्ष के अंत 31 मार्च, 2016 के लिए लाभ की राशि 70,000 रू. होती है। लाभ एवं हानि विनियोग खाता तैयार कीजिए।


अमित, बबीता एवं सोना एक फर्म में साझेदार हैं। उनका लाभ 3 :2:1 के अनुपात में विभाजित हैं तथा निम्न बातों को ध्यान में भी रखना है:

  1. सोना के गारंटी के रूप में लाभ का भाग 15,000 रू. प्रति वर्ष से कम न हो।
  2. बबीता इस प्रभाव के साथ गारंटी देती है कि जब वह फर्म में नौकरी करती थी तब से उसे 5 साल के औसत कुल प्रभार या फीस (जो 25,000 रु. है) के बराबर होनी चाहिए और आज उसके द्वारा अर्जित फीस इससे कम नहीं होगी। वर्ष के अंत में 31 मार्च, 2017 के लिए कुल लाभ 75,000 रू. होता है और फर्म हेतु बबीता के द्वारा अर्जित कुल फीस 16,000 रु. है।
    आप से लाभ एवं हानि विनियोग खाता को दर्शाने की अपेक्षा की जाती है। (लेकिन दिए गए अकेले प्रभाव को अपनाने के बाद)

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