English

मनोवैज्ञानिक जाँच की सीमाओं का वर्णन कीजिए | - Psychology (मनोविज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

मनोवैज्ञानिक जाँच की सीमाओं का वर्णन कीजिए |

Answer in Brief

Solution

मनोवैज्ञानिक जाँच की सीमाएँ निम्नलिखित हैं:

  • वास्तविक शून्य बिंदु का अभाव: मनोवैज्ञानिक मापन में हमें शून्य बिंदु नहीं मिलते हैं | उदाहरण के लिए, इस दुनिया में किसी किसी भी व्यक्ति की बुद्धि शून्य नहीं होती | मनोवैज्ञानिक अध्ययन में जो कुछ लब्धांक प्राप्त करते हैं वे अपने आप में निरपेक्ष नहीं होते बल्कि उनका सापेक्षिक मूल्य होता है |
  • मनोवैज्ञानिक उपकरणों का सापेक्षिक स्वरुप: मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का निर्माण किसी सन्दर्भ विशेष के प्रमुख पक्षों को ध्यान में रखकर किया जाता है | उदाहरण के लिए, शहरी क्षेत्र के छात्रों के लिए विकसित परीक्षण ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों पर लागू नहीं किया जा सकता है |
  • गुणात्मक प्रदत्तों की आत्मपरक व्याख्या: गुणात्मक अध्ययनों में प्रदत्त प्राय: आत्मपरक होते हैं क्योंकि इनकी व्याख्या अनुसंधानकर्ता एवं प्रदत्त प्रदान करने वाले होते हैं | एक व्यक्ति की व्याख्या दूसरे से भिन्न हो सकती है |
shaalaa.com
मनोवैज्ञानिक जाँच की सीमाएँ
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 2: मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ - समीक्षात्मक प्रश्न [Page 42]

APPEARS IN

NCERT Psychology [Hindi] Class 11
Chapter 2 मनोविज्ञान में जाँच की विधियाँ
समीक्षात्मक प्रश्न | Q 11. | Page 42
Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×