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मंसा देवी जाने के लिए केबिल कार में बैठे हुए संभव के मन में जो कल्पनाएँ उठ रही थीं, उनका वर्णन कीजिए। - Hindi (Elective)

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Question

मंसा देवी जाने के लिए केबिल कार में बैठे हुए संभव के मन में जो कल्पनाएँ उठ रही थीं, उनका वर्णन कीजिए।
Short Note

Solution

मंसा देवी जाने के लिए केबिल कार में बैठे हुए संभव के मन में अनेक कल्पनाएँ जन्म ले रही थीं। वह घाट में मिली लड़की से मिलना चाहता था। उस लड़की की छवि उसके मस्तिष्क में बस गई थी। वे चारों ओर उस लड़की को पाने के लिए बैचेन था। वह उसी केबिल कार में जाकर बैठा जिसका रंग गुलाबी था क्योंकि उस लड़की ने गुलाबी साड़ी पहनी थी। वह मंसा देवी भी इसी उम्मीद से जा रहा था कि शायद उस लड़की को एक बार देख पाए।
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दूसरा देवदास
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Chapter 2.09: ममता कालिया (दूसरा देवदास) - प्रश्न-अभ्यास [Page 158]

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NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 2.09 ममता कालिया (दूसरा देवदास)
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. | Page 158

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निम्नलिखित वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिएः
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पाठ में आए पूजा-अर्चना के शब्दों तथा इनसे संबंधित वाक्यों को छाँटकर लिखिए।


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